Thursday , June 21 2018

‘दोबारा हो सकता है 26/11 जैसा हमला’

समंदर से रास्तों से हथियार लदे जहाजों की आवाजाही मुल्क की सेक्युरिटी के लिए बड़ा खतरा है। नैवी सरबराह (Navy chief) एडमिरल डीके जोशी ने इस खतरे से आगाह करते हुए 26/11 जैसा हमला दोबारा होने का खदशा ज़ाहिर किये हैं ।

समंदर से रास्तों से हथियार लदे जहाजों की आवाजाही मुल्क की सेक्युरिटी के लिए बड़ा खतरा है। नैवी सरबराह (Navy chief) एडमिरल डीके जोशी ने इस खतरे से आगाह करते हुए 26/11 जैसा हमला दोबारा होने का खदशा ज़ाहिर किये हैं ।

गौरतलब है कि समंदर के रास्तों से कई मुल्को के खतरनाक और हस्सास हथियारों की ढुलाई होती है जो किसी खास या सख्त नियमों के ताबे नहीं है।

मंगल के रोज़ बहरिया सरबराह (Navy Chief) की सालाना प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गए सवाल पर एडमिरल जोशी ने कहा कि ऐसे जहाजों की बेकाबू आवाजाही दहशतगर्दों के घुसपैठ का आसान जरिया बन सकता है। इसी गफलत में वह 26/11 के मुंबई हमले जैसी वारदात को दोहरा भी सकते हैं।

जोशी ने कहा कि क़ज़ाकों (The pirates/ समंदर के लूटेरों) के इलाकों के नजदीक से जहाजों के गुजरने के निज़ाम में भी बड़े बदलाव की जरूरत है। जोशी के मुताबिक इसी निज़ाम से उपजे हालात के चलते इतालवी Marines के हाथों हिंदुस्तानी मछुआरों की मौत हो गई थी।

जोशी ने तमिलनाडु की समुद्री सरहद में पकड़े गए हथियारों से लदे एमबी सीमैन गार्ड ओहिओ नामी अमेरिकी जहाज का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे जहाजों के गार्डों पर भी नियमों का कंट्रोल नहीं है।

जोशी ने हुकूमत को मिली रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कुछ खास मुल्को के लोग इन जहाजों पर अराज़ी तौर पर नौकरी करते हैं फिर बाद में निजी हथियारबंद गार्ड बन जाते हैं।

जोशी के मुताबिक तिजारती जहाजों की तरह हथियारों की ढुलाई करने वाले निजी जहाजों को भी इंटरनेशनल मैरीटाइम आर्गनाइजेशन (आईएमओ) के तहत लाने की सख्त जरूरत है। साथ ही मुताल्लिक ममालिक को जहाज की पूरी पहचान, उस पर काम करने वाले मुलाज़्मीन और मौजूद हथियारों के ब्यौरे को रिकार्ड पर रखना भी वक्त की मांग हो गई है।

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