Saturday , December 16 2017

दो नाबालिग से इस्तेमाई इस्मत रेजी

महेशपुर ब्लॉक के घाटचोरा पुल के नजदीक बुध की देर रात दो नाबालिग लड़कियों के साथ चार लकड़ों ने इस्तेमाई इस्मत रेजी किया। वाकिया के 20 घंटे बाद भी पुलिस मुजरिमों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। वाकिया से गुस्साये छक्कुधारा के गाव वालों ने

महेशपुर ब्लॉक के घाटचोरा पुल के नजदीक बुध की देर रात दो नाबालिग लड़कियों के साथ चार लकड़ों ने इस्तेमाई इस्मत रेजी किया। वाकिया के 20 घंटे बाद भी पुलिस मुजरिमों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। वाकिया से गुस्साये छक्कुधारा के गाव वालों ने जुमेरात को दो घंटे तक सड़क जाम किया। सड़क जाम कर रहे ग्रामीण मुजरिम की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। जाम की इततेला मिलने पर एसपी वाइएस रमेश पहुंचे और गाव वालों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने एज़्तेमाई इसमतरेजी की शिकार दोनों नाबालिगों को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

एसपी वाइएस रमेश समेत पुलिस निरीक्षक और तीन थानों के थानेदारों की तरफ से मुलजिमों की गिरफ्तारी को लेकर सर्च मुहिम चलाये जा रहे हैं। पुलिस ने आबरू रेजी की वाकिया को लेकर थाने में कांड नंबर 232/13 दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, घाटचोरा गांव रिहायसी एक ज़ईफ खातून अपनी 13 साला पोती और 17 साला भतीजी के साथ बुध को महेशपुर के बाजार में खरीदारी करने आयी थी। खरीदारी के बाद शाम छह बजे वह एक ऑटो में सवार होकर अपने गांव लौट रही थी।

ऑटो ड्रावर ने रोलाग्राम के नजदीक दोनों नाबालिग बच्चियों के साथ ज़ईफ खातून को उतार दिया। पैदल ज़ईफ खातून और दोनों बच्चियां अपना घर छक्कुधारा जा रही थी। इसी दौरान घाटचोरा पुल के निकट पहले से बैठे चार लकड़ों ने लड़कियों का हाथ पकड़ लिया और ज़ईफ खातून के साथ मारपीट कर भगा दिया। ज़ईफ खातून रोते हुए गांव पहुंच कर मामले की जानकारी अहले खाना को दी। गाव वालों ने मामले की इततेला तुरंत महेशपुर थाने को दी। इत्तिला मिलते ही थानेदार शशि भूषण चौधरी और ग्रामीण दोनों बच्चियों को खोजने के लिए निकले और तकरीबन रात के आठ बजे 13 साला एक लड़की भौरीकुचा के जज़दिक अहम सड़क पर मिली। जबकि दूसरी लड़की को रात भर खोजा गया, लेकिन वह नहीं मिली।

जुमेरात की सुबह 17 साला इस्मत रेजी की शिकार लड़की महेशपुर गुमामोड़ अहम सड़क पर भौरीकुचा मंदिर के नजदीक मिली। इधर इत्तिला मिलते ही एसपी वाइ एस रमेश जाये हादसा पर पहुंचे और मुलजिमों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की। पुलिस को जाये हादसा से मुजरिमों के कपड़े भी मिले हैं। वाकिया को लेकर छक्कुधारा समेत महेशपुर ब्लॉक के दर्जनों गांव के लोगों में गुस्सा था। जिले में माह जुलाई से अब तक इस्तेमाई इस्मत रेजी की यह तीसरी वाकिया है। एक मकतुला ने बताया कि मुजरिमों की तरफ से नदी के किनारे एक पंप हाउस में ले जाया गया था।

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