Saturday , September 22 2018

दो प्राईवेट कॉलिजों के ख़िलाफ़ सी बी आई कि चार्ज शीट

विशाखापटनम । सी बी आई ने आज 2 प्राईवेट एज्युकेशनल इंस्टीट्यूट्स कि इंतेज़ामिया, आंधरा यूनीवर्सिटी के बाज़ प्रोफेसरों और इस वक़्त के रीज्नल ऑफीसर, ऑल इंडिया कौंसल फ़ार टेक्नीकल एज्युकेशन (ए आई सी टी ई) के ख़िलाफ़ जाल साज़ी(धोका देने) के ए

विशाखापटनम । सी बी आई ने आज 2 प्राईवेट एज्युकेशनल इंस्टीट्यूट्स कि इंतेज़ामिया, आंधरा यूनीवर्सिटी के बाज़ प्रोफेसरों और इस वक़्त के रीज्नल ऑफीसर, ऑल इंडिया कौंसल फ़ार टेक्नीकल एज्युकेशन (ए आई सी टी ई) के ख़िलाफ़ जाल साज़ी(धोका देने) के एक केस में चार्ज शीट्स दाख़िल करदि।

तहक़ीक़ाती इदारे ने कहा है कि जाली और धोके से तैयार करदा(कि हुइ) दस्तावेज़ात इन तालीमी इदारों की मुसल्ल‌मा हैसियत बताने के लिए दाख़िल किए गए थे। सी बी आई ने 6 जनवरी 2010 को केस रजिस्टर करते हुए इल्ज़ाम आइद किया(लगाया) था कि कौंसल के ओहदेदारों ने चेयरमैन वैजाग सोश्यल प्रोफाइल्स आर्गेनाईज़ेशन के साथ मिली भगत में विशाखा इंस्टीटियूट आफ़ फ़ारमेसी व टेक्निकल साइंस‌ के क़ियाम के लिए मंज़ूरी अता करदी(दे दि)। हालाँकि वैजाग सोशय‌ल की जानिब से पेश कर्दा(दिये हूए) दस्तावेज़ात फ़र्ज़ी और जाली(कपट) हैं।

सी बी आई ने कहा कि वैजाग सोशय‌ल के पास फार्मेसी कोलेज के क़ियाम के लिए ए आई सी टी ई और फार्मेसी कौंसल आफ़ इंडिया के मुक़र्ररा(तय किये हूए) क़वाइद के मुताबिक़ दरकार इंफ्रास्ट्रक्चर और सहूलयात नहीं हैं। सी बी आई ने तहक़ीक़ात की तकमील(पुरा होने) के बाद मर्कज़ी वज़ारत फ़रोग़ इंसानी वसाइल के साथ साथ आंधरा यूनीवर्सिटी, विशाखापटनम को इस की केस में मुलव्वस (लिपीत)सरकारी ओहदेदारों पर मुक़द्दमा चलाने के लिए ज़रूरी मंज़ूरीयां हासिल करने के लिए रिपोर्टस भेजे थे।

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