दो बच्चों की नीति को कानूनी मान्यता देने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, याचिका को किया खारिज

दो बच्चों की नीति को कानूनी मान्यता देने से सुप्रीम कोर्ट का इंकार, याचिका को किया खारिज
Click for full image

सुप्रीम कोर्ट ने दो बच्चों की नीति को कानूनी मान्यता देने से इंकार कर दिया है। साथ ही इसके लिए की गई याचिका को भी उच्चतम न्यायालय ने खारिज कर दिया है। मालूम हो कि सामाजिक कार्यकर्ता अनुपमा बाजपेई की ओर से उनके वकील शिव कुमार त्रिपाठी द्वारा दायर की गई दो बच्चों वाली नीति को कानूनी मान्यता देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार को ख़ारिज कर दिया।

उल्लेखनीय है कि अपनी इस याचिका में अनुपमा ने मांग की थी। चीन की तर्ज पर भारत में भी दो बच्चों की नीति बननी चाहिए और इसका उल्लंघन करने वालों के लिए दंड का प्रावधान रखा जाना चाहिए।

इसके अलावा याचिका में प्राकृतिक संसाधन, कृषि योग्य भूमि, जंगल और पानी की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि यह समस्याएं जनसंख्या में वृद्धि के कारण हो रही है।

आपको बता दें कि इस याचिका में नागरिकों को केवल दो बच्चों को जन्म देने की सीमा निर्धारित करने की मांग करते हुए आग्रह किया गया था कि ऐसा ना करने वालों को सरकार की सुविधाओं और दूसरे लाभों से वंचित कर दिया जाए।

याचिका में मौजूदा पीढ़ी की मानसिकता में बदलाव नहीं होने पर इसका असर भविष्य की पीढ़ियों पर पड़ने की भी चिंता करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग कई गया थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका को सुनवाई के योग्य नहीं पाया और इसे खारिज कर दिया।

Top Stories