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दो बार मौत को मात देने वाली ये कहानी ….

हैदराबाद, 22 फरवरी: (दानिश मुज्तबा) हैदराबाद को बम धमाके से दहलाने वाले दहशतगर्द किसी भी तंज़ीम के हों, लेकिन उन्होंने इसकी पूरी तैयारी कर रखी थी कि जान-माल का ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो।

हैदराबाद, 22 फरवरी: (दानिश मुज्तबा) हैदराबाद को बम धमाके से दहलाने वाले दहशतगर्द किसी भी तंज़ीम के हों, लेकिन उन्होंने इसकी पूरी तैयारी कर रखी थी कि जान-माल का ज्यादा से ज्यादा नुकसान हो।

दहशतगर्दो ने धमाका के लिए सिनेमाघरों के पास की जगह चुनी और ऐसे वक्त धमाका किया जब एक सिनेमाघर का शो छूट चुका था।

धमाके के ज़ख्मियों में वह शख्स भी शामिल है जो मक्का मस्जिद धमाके में भी ज़ख्मी हुआ था। इस बार भी जान बचने पर उसने खुदा का शुक्र अदा किया है। बम धमाके का निशाना बने लोगों ने बताया कि पहला धमाका उस वक्त हुआ जब वेंकटाद्रि और कोणार्क थियेटर के पास अच्छी-खासी भीड़ थी।

चूंकि यहां कई कालेज हैं इसलिए शाम के वक्त भीड़ रहती ही है। पहला धमाका उस वक्त हुआ जब एक थियेटर का शाम का शो छूट चुका था और बड़ी तादाद में लोग सड़क पर थे। बम धमाके में ज़ख्मी हुए समद ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि उन्हें कुछ एहसास ही नहीं हुआ।

वह अपने दोस्त से मिलने के लिए यहां आए हुए थे। यशोदा अस्पताल में भर्ती एक दूसरे ज़ख्मी हुए वासे मिर्जा ने बताया कि उन्होंने जोरदार आवाज सुनी और फिर जब होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। वासे ने कहा, खुदा का शुक्र है कि मैं एक बार फिर बचा। उन्होंने बताया कि वह 2007 में मक्का मस्जिद में हुए धमाके में भी जख्मी हुए थे।

——बशुक्रिया : जागरण

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