Saturday , December 16 2017

दो मुँह का साँप- जिस का कोई वजूद नहीं

नुमाइंदा ख़ुसूसी अल्लाह तआला ने इस कायनात में इंसान के इलावा बेशुमार ज़ी रूह मख़लूक़ पैदा फ़रमाई हैं । जो बेवजह यह बेकार नहीं , बल्कि इंसान ज़िंदगी को बरक़रार रखने और माहोलयाती तआवुन के लिए नागुज़ीर है । उन्ही में एक जानवर दो मुं

नुमाइंदा ख़ुसूसी अल्लाह तआला ने इस कायनात में इंसान के इलावा बेशुमार ज़ी रूह मख़लूक़ पैदा फ़रमाई हैं । जो बेवजह यह बेकार नहीं , बल्कि इंसान ज़िंदगी को बरक़रार रखने और माहोलयाती तआवुन के लिए नागुज़ीर है । उन्ही में एक जानवर दो मुंह यह दूसरों वाला साँप है । जिस के मुताल्लिक़ बाअज़ लोगों का ये अक़ीदा है कि ये साँप अपने घर में रखने से ख़ैर-ओ-बरकत होती है घर में दौलत आने लगती है वगैरह वगैरह जो बिलकुल ग़लत हैं । कुछ अर्सा क़बल मुक़ामी अख़बारात में ये खबरें शाय होरही थीं कि टास्क फ़ोर्स ने एक एसे ही गिरोह को गिरफ़्तार किया है जो अवाम को धोका दे कर 50 ता 70 लाख रुपय बटोरते हुए दो मुँह वाले साँप फ़रोख़त कररहे थे क्यों कि बाअज़ हज़रात का ये अक़ीदा है कि ये साँप पोशीदा ख़ज़ानों का पता बताता है जिस के बाइस बगैर किसी इंसानी जान की बलि चढ़ाने आसानी से ख़ज़ाना हासिल हो सकता है ।

हालाँकि हर अक़लमंद शख़्स जानता है कि दौलत कमाने का कोई शॉट कट रास्ता नहीं है । पोलीस अक्सर ये दावा तो करती है कि दो मुँह का साँप बेचने वाले को साँप के साथ गिरफ़्तार किया गया । लेकिन साँप के हवाले से कोई तफ़सीलात नहीं फ़राहम करती कि आया वाक़ातन दो मुँह का साँप होता भी है यह नहीं ? लिहाज़ा हम ने सोचा कि शहर के नहरू ज़वालोजेकल पार्क जाकर वहां मौजूद इस साँप का मुशाहिदा किया जाय और साथ ही वहां के ज़िम्मेदारों से इस साँप के तअल्लुक़ से तहकीकात हासिल की जाएं । आज हम अपनी हासिल करदा अपनी मालूमात में अपने क़ारईन को शामिल करना चाहते हैं । ज़ौ पार्क के इंचार्ज और अस्सिटैंट डायरैक्टर डाक्टर मुहम्मद अबदुलहकीम ने हमें बताया कि दो मुँह का कोई साँप नहीं होता ।

इस ज़िमन में जितनी ज़बानें इतनी बातें जैसी मिसाल है । इस साँप को दो मुँह का कहने की शाहिद वजह ये होसकती है कि इस की दम का सिरा भी इतना ही मोटा होता है जितना कि इस का सर और देखने से दोनों जानिब मुंह महसूस होते हैं । शायद इस लिये इस साँप को दो मुंह वाला साँप कहा जाता है । लेकिन हक़ीक़तन इस साँप का एक ही मुँह और एक ही सर होता है जब कि दीगर तमाम साँपों का दम का सिरा , सर के मुक़ाबिल बिलकुल ही नहीफ़ पतला और बारीक होता है । इस चीज़ को बाअज़ लोग ग़लत बावर करते हुए दो मुँह का साँप कहते हैं । डाक्टर के बाक़ौल मशहूर साँपों की जुमला 70 किस्में हैं और हर साँप का अलहदा अलहदा नाम है ।

जैसे नाग (Cobra) , काला नाग (Black Cobra) , या नाग राज (King Cobra) , अज़दहा (Pythou) वगैरह । इस तरह इस मख़सूस साँप को Sand boa नाम दिया गया है और ये तीन किस्म के होते हैं पहली किस्म इंडियन सांड बोह की है जिस का रंग भूरा गंदुमी होता है । दूसरी किस्म Red Sand Boa की है जिस का रंग सुर्ख़ होता है जब कि तीसरी कसम Black Sand Boa साँप की है जो काले रंग का होता है और ये काला सांड बोह बहुत ही कम पाया जाता है । उन्हों ने वज़ाहत करदी कि इस मख़सूस साँप से मुताल्लिक़ जितनी भी फ़र्सूदा बातें मशहूर हैं वो तमाम लगू हैं उन की कोई हक़ीक़त नहीं ।।

TOPPOPULARRECENT