Thursday , December 14 2017

धर्मना प्रसाद के इस्तीफ़ा पर तजस्सुस बरक़रार

रियास्ती वज़ीर धर्मना प्रसाद राव के इस्तीफ़े पर सस्पेंस अभी भी बरक़रार है और चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी इस्तीफ़ा के बारे में कोई भी फ़ैसला करने के मौक़िफ़ में नज़र नहीं आते। धर्मना प्रसाद राव का इस्तीफ़ा किरण कुमार रेड्ड

रियास्ती वज़ीर धर्मना प्रसाद राव के इस्तीफ़े पर सस्पेंस अभी भी बरक़रार है और चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी इस्तीफ़ा के बारे में कोई भी फ़ैसला करने के मौक़िफ़ में नज़र नहीं आते। धर्मना प्रसाद राव का इस्तीफ़ा किरण कुमार रेड्डी के लिए गले की हड्डी बन चुका है। कांग्रेस आला कमान ने उन्हें इस्तीफ़े के बारे में फ़ैसला का मुकम्मल इख़तियार दे दिया लेकिन रियास्ती वुज़रा का ताक़तवर ग्रुप उन पर इस्तीफ़ा क़बूल ना करने के लिए मुसलसल दबाव डाल रहा है।

इन हालात में किरण कुमार रेड्डी ये फ़ैसला नहीं कर पा रहे हैं कि आख़िर क्या करें। वाज़िह रहे कि वानपेक इस्क़ाम की तहक़ीक़ात करनेवाली सी बी आई ने चार्ज शीट में धर्मना प्रसाद राव का नाम मुल्ज़िम नंबर 5 की हैसियत से शामिल किया है। चार्ज शीट की पेशकशी के बाद धर्मना प्रसाद राव ने वज़ारत से अपना इस्तीफ़ा चीफ़ मिनिस्टर के हवाले कर दिया, लेकिन तक़रीबन कई हफ़्ता गुज़रने के बावजूद आज तक इस्तीफ़ा क़बूल नहीं कियागी।

इस्तीफ़े की क़बूलीयत के सिलसिले में चीफ़ मिनिस्टर के पस-ओ-पेश (असमंजस) की एक और वजह ये है कि जगन मोहन रेड्डी के ग़ैर मह्सूब असासा जात के मुआमले में जो मुतनाज़ा जी ओज़ की निशानदेही की गई , उस की इजराई में मज़ीद चार रियास्ती वुज़रा के नाम आ रहे हैं जिन में सबीता इंदिरा रेड्डी, डाक्टर गीता रेड्डी, पुन्नाला लकशमया और कन्ना लक्ष्मी ना रायना शामिल हैं। एक साबिक़ वज़ीर मोपी देवी वेंकट रमना इस मुआमले में पहले ही से जेल में है। अगर सी बी आई धर्मना प्रसाद राव को गिरफ़्तार करती है तो आने वाले दिनों में दीगरवुज़रा भी इस के निशाना पर आसकते हैं।

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