धर्म परिवर्तन का आरोप लगा कर दलितों से भिड़े हिन्दू संग्ठन, कई लोग घायल

धर्म परिवर्तन का आरोप लगा कर दलितों से भिड़े हिन्दू संग्ठन, कई लोग घायल
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लखनऊ : यूपी के मैनपुरी में दलितों के ईसाई बनने की खबर के बाद रविवार को बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता दलितों के एक दल से भिड़ गए और जम कर हाथा पाई की.

जनसत्ता की खबर के अनुसार पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कई साल पहले ईसाई बन चुके दलितों का दल रविवार को नगला राम सिंह गांव में ईस्‍टर मना रहा था। संजय जाटव के घर में प्रोग्राम रखा गया था। एटा और फिरोजाबाद जिलों से लगभग 20 लोग प्रोग्राम  में शामिल होने के लिए आए थे।’

हिंदू जागरण मंच के संतोष कुमार ने पुलिस को बताया कि बजरंग दल जिला संयोजक सुशील यादव को सूचना मिली थी कि कुछ दलितों का जबरदस्‍ती धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। इस सुचना की बुन्याद पर लगभग एक दर्जन बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ता पुष्टि के लिए नगला राम सिंह गांव पहुंचें। गांव प्रधान शेलेंद्र यादव से मिलने के बाद वे राम लाली के घर गए। वह कई लोगों के साथ बाहर आए। उसने पूछा कि क्‍या धर्म बदलने के लिए प्रोग्राम रखा गया है। इस बात से युवक लड़ने लग गए और उसे चले जाने को कहा। उसको यह कहने पर कि  धमकाओ मत तो उन्‍होंने डंडों से हमला कर दिया। बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ता के  अनुसार दलितों ने पत्‍थर भी फेंके। अन्य (दलित) लोग भी उनके साथ आ गए और हमें डंडो, रॉड और पत्‍थरों से मारा।

मैनपुरी के बजरंग दल जिला संयोजक सुशील यादव, हिंदू जागरण मंच के उपाध्‍यक्ष राजेश तिवारी और महासचिव अरुण मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने दलित युवक राज कुमार जाटव और हिेंदू जागरण मंच कार्यकर्ता संतोष कुमार की शिकायत पर एफआर्इआर दर्ज की है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

ओछा एसएचओ उमेश नाथ मिश्रा ने बताया कि झगड़े की सूचना मिलने से पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन ईस्‍टर मना रहे लोग वहां से फरार हो गए। संतोष कुमार ने एफआईआर में इलज़ाम लगाया है कि जब उन्‍होंने जबरदस्‍ती धर्म परिवर्तन रोकने की कोशिश की तो संजय जाटव ने 20 अन्‍य लोगों के साथ हमला कर दिया। एक अन्‍य FIR राज कुमार जाटव की शिकायत पर दर्ज की गर्इ। जिसमें सुशील यादव, अरुण मिश्रा, राजेश तिवारी, श्‍याम चरण और पांच अन्‍य पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का इलजाम है।सियासत के अनुसार किसी रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह प्रोग्राम धर्म परिवर्तन के लिए रखा गया था, अन्य दलितों के अनुसार वह ईस्‍टर मना रहे थे.

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