धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की करने वाले मुख्य आरोपी की जेल में हत्या

धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की करने वाले मुख्य आरोपी की जेल में हत्या

पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली नाभा जेल में दो कैदियों द्वारा 2015 में बरगाड़ी में धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी की घटना के मुख्य आरोपी की कथित रूप से हत्या किए जाने के एक दिन बाद, समूचे राज्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि कई जगहों पर गाड़ियों की जांच की जा रही है जबकि फरीदकोट के कोटकपुरा शहर में राज्य पुलिस के संग अर्द्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है.

 

नाभा से महिदंरपाल बिट्टू का शव आज सुबह कोटकपुरा लाया गया. बिट्टू डेरा सच्चा सौदा पंथ का अनुयायी था. डेरे के सदस्य कोटकपुरा में जमा हो गए और घटना की न्यायिक जांच की मांग करने लगे.

 

दो कैदियों ने बोला था हमला

 

डेरा के एक सदस्य ने कोटकपुरा में पत्रकारों से कहा, ”हम हमले की घटना की न्यायिक जांच चाहते हैं. पुलिस ने हमला करने वाले दो व्यक्तियों की पहचान की है लेकिन हम चाहते हैं जिन्होंने हमले की योजना बनाई उनकी भी पहचान की जाए और दंडित किया जाए.”

 

सदस्य ने कहा, ”बिट्टू को अलग सेल में रखा गया था तो वह खुले में कैसे आया और उस पर हमला कैसे हुआ. जब तक ये चीज़ें साफ नहीं हो जाती, हम शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.”

 

बिट्टू पर शनिवार शाम को दो कैदियों ने कथित रूप से हमला किया था. इसके बाद उसे पटियाला के नाभा सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

 

पुलिस ने बताया था कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि फरीदकोट के रहने वाले 49 साल के बिट्टू पर गुरसेवक सिंह और मनिन्दर सिंह ने कथित रूप से हमला किया. ये दोनों नाभा जेल में हत्या के मामले में बंद हैं.

 

बिट्टू पर सरिए से हुआ हमला

 

अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों कैदियों ने बिट्टू पर सरिए से हमला किया. उन्होंने ये सरिये जेल के अंदर हो रहे निर्माण स्थल से हासिल किये थे. इस हमले में बिट्टू के सिर पर गंभीर चोट आई थी. दोनों हमलावरों को रविवार को एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

 

ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रविवार को तड़के तीन डॉक्टरों के पैनल ने बिट्टू के शव का पोस्टमार्टम किया. इसके बाद शव को बिट्टू के परिजनों को सौंप दिया गया. अंतिम संस्कार के लिए शव को उसके पैतृक शहर कोटकपुरा भेज दिया गया.

 

बिट्टू के शव को डेरा सच्चा सौदा पंथ के कोटकपुरा में ‘नाम चर्चा घर’ में रखा गया जहां आज सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना लगा हुआ है. कोटकपुरा और आसपास के शहरों में डेरा अनुयायियों की काफी संख्या है.

 

पुलिस ने किया फ्लैग मार्च

 

फिरोजपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एम एस छीना ने कोटकपुरा में पत्रकारों को बताया कि शहर में जरूरी संख्या में अद्धसैनिक बल और राज्य पुलिस कर्मियों की तैनात की गई है. हम शांति बनाए रखेंगे. पुलिस ने मोगा और फरीदकोट के जिलों में कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एहतियाती उपाय के तहत फ्लैग मार्च किया.

 

पंजाब के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को कहा कि हमले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए गए हैं. मंत्री ने कहा, ”बरगाड़ी के आरोपी को अलग सेल में रखा गया था ताकि ऐसी घटनाएं नहीं हों. दुर्भाग्य से, ऐसी घटना हुई. तीन जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.”

 

जेल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रोहित चौधरी जांच समिति की अगुवाई करेंगे. इस समिति को रिपोर्ट देने के लिए तीन दिन दिए गए हैं.

 

बिट्टू के पुत्र परमिंदर ने कोटकपुरा में संवाददाताओं को बताया, ”हर रविवार को हम जेल में उनसे मिलते थे. कल हम उनसे मिल कर जैसे ही लौटे, कुछ ही देर में हमें सूचना मिली कि उन पर हमला किया गया. मेरे पिता को एक साजिश के तहत मारा गया है.”

 

 गैंगस्टर सुखप्रीत बुड्डा ने ली हमले की जिम्मेदारी

 

इस बीच, गैंगस्टर सुखप्रीत बुड्डा ने फेसबुक पर पोस्ट कर बिट्टू पर हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि दोनों कैदी उसके गिरोह के सदस्य हैं. मोगा में पुलिस के आला अधिकारी ने बताया कि पुलिस के साइबर विभाग को फेसबुक पर गैंगस्टर की ओर से किए गए दावे की जांच करने को कहा गया है.

 

वहीं विपक्षी पार्टी अकाली दल के अध्यक्ष ने घटना की जांच की मांग की. पार्टी नेता बलविंदर सिंह भुंदर ने कहा कि अगर पंजाब की जेलों में यह हालात हैं तो राज्य की कानून एवं व्यवस्था की कल्पना की जा सकती है.

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