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नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद शहादत की 24वीं बरसी पर मंडी हाउस से जंतर मंतर तक पैदल मार्च

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद विध्वंस की 24 वीं बरसी पर दिल्ली में सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। आधा दर्जन से अधिक संगठनों के कार्यकर्ता मंडी हाउस में एकत्र हुए और जंतर मंतर तक पैदल मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण और विध्वंस के मूल गुनहगारों को सजा देने की मांग की।

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न्यूज़ नेटवर्क समूह प्रदेश 18 के अनुसार प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 24 साल पहले बाबरी मस्जिद की शहादत राज्यिक आतंकवाद और देश के सविंधान पर हमला था।
देश के सविंधान पर हमला के मूल पापी आज भी आज़ाद हैं। इन पापी लोगों को जब तक सजा नहीं मिलती तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। प्रदर्शनकारियों ने बाबरी मस्जिद की शहादत के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों को दोषी करार दिया। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को बड़ा नुकसान हुआ है, जिसे बचाने के लिए वे मैदान में उतरे हैं।

उल्लेखनीय है कि बाबरी मस्जिद 1527 में निर्माण किया गया, 1575 में तुलसीदास ने किताब लिखी लेकिन राम मंदिर का कोई उल्लेख नहीं किया, 1857 में मस्जिद के बगल में एक दीवार खड़ी करके कुछ हिस्सा हिंदुओं के हवाले कर दिया गया, 1883 में इस हिस्से में मंदिर बनाने की नाकाम कोशिश हुई, 1885 में मंदिर बनाने की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी, थी.

1886 में अपील भी खारिज कर दी गई, 1877 में पहली बार यह बात कही गई कि उसे मंदिर को गिराकर बनाया गया है, 1934 में हिन्दू-मुस्लिम दंगे में मस्जिद क्षतिग्रस्त हो गया, 1949 में मूर्तियां रख दी गईं, 1950 में मुसलमानों ने मुकदमा किया, 1992 में इसे ध्वस्त कर दिया गया.

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