नई दिल्ली में कहर से 150 से ज़्यादा परवाज़ें मुतास्सिर

नई दिल्ली में कहर से 150 से ज़्यादा परवाज़ें मुतास्सिर
नई दिल्ली 14 जनवरी : नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एय‌र पोर्ट पर कसीफ़ कहर दुबारा पैदा होगई जिस की वजह से 150से ज़्यादा परवाज़ों का प्रोग्राम मुतास्सिर हुआ ।

नई दिल्ली 14 जनवरी : नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनैशनल एय‌र पोर्ट पर कसीफ़ कहर दुबारा पैदा होगई जिस की वजह से 150से ज़्यादा परवाज़ों का प्रोग्राम मुतास्सिर हुआ ।

8 परवाज़ों को दीगर शहरों की तरफ‌ मोड़ दिया गया । एय‌र पोर्ट पर तक़रीबन देढ़ घंटा 5 बजे सुबह से 6.30 बजे सुबह तक कोई परवाज़ नहीं होसकी क्योंकि रनवे पर हद बसारत 50 मीटर से भी कम होगई थी ।

एय‌र पोर्ट के ज़राए के बमूजब 4 बजे सुबह से 6 बजे सुबह के दरमयान दिल्ली पहुंचने वाले 8 तय्यारों का रुख़ जय पुर , नागपुर और मुंबई की तरफ़ मोड़ दिया गया । तय्यारे के उतर ने केलिए दरकार हद बसारत रनवे पर मौजूद नहीं थी । धुंद एय‌र पोर्ट पर कल रात 8 बजे से ही उतरना शुरू होगई थी और 11.30 बजे शब ये बहुत कसीफ़ होगई । 2.30 बजे शब हद बसारत रनवेज़ पर 50 मीटर से भी कम बाक़ी रह गई ।

रॉयल डच एय‌र लाईन का एक तय्यारा जो एम्सटर्डम परवाज़ करने वाला था 8 घंटे ताख़ीर से रवाना होसका । 2.30 बजे शब रवाना होने वाले तय्यारे को टकनीकी वजूहात की बिना पर वापिस होना पड़ा । दरीं असना गहिरी कहर ने पूरे अर पोर्ट को अपनी गिरिफ़त में ले लिया था और हद बसारत 100 मीटर रह गई थी जिस की वजह से तय्यारा दुबारा परवाज़ नहीं करसका ।

जब हद बसारत इजाज़त याफ़ता हद तक होगई तो परवाज़ 11.45 बजे दिन रवाना की गई । ज़राए के बमूजब तय्यारे में सिर्फ़ अरकान अमला सवार थे जबकि मुसाफ़िर यन को मुख़्तलिफ़ होटल्स में रिहायश फ़राहम की गई । क़ौमी दार-उल-हकूमत नई दिल्ली मौसिम-ए-सर्मा के उरूज के दौरान अक्सर कसीफ़ धुंद का शिकार होजाता है जिस की वजह से सिर्फ़ तय्यारों की परवाज़ें ही नहीं बल्कि ट्रेनों और बसों और दीगर गाड़ीयों की आमद-ओ-रफ़त भी मुतास्सिर होती है ।

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