Sunday , December 17 2017

नई दिल्ली में बैन उल-अक़वामी क़व्वाली फेस्टीवल

नई दिल्ली: नई दिल्ली में पहली मर्तबा बैन उल-अक़वामी क़व्वाली फेस्टीवल मुनाक़िद करने के लिये त्यारियां शुरू कर दी गई हैं , जिस में दुनिया भर से क़व्वाल हज़रात शिरकत करेंगे। हाल ही में हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के कव्वालों ने इंडिया इस्लामिक सेंटर में सूफियाना कलाम पेश किया ताकि ये साबित किया जा सके कि मूसीक़ी की कोई हदिया सरहद नहीं होती है।

मुजव्वज़ा क़व्वाली फेस्टीवल आइन्दा साल 12 , 14 फरवरी को मुनाक़िद होगा। दिल्ली के मशहूर निज़ामी बिरादरस में से एक सय्यद ग़ुलाम साबरी निज़ामी ने बताया कि हमारे लिये मूसीक़ी की दुनिया बिलकुल्लिया अलग है और हम सब बला लिहाज़ मज़हब-ओ-मिल्लत हिंदू , मुस्लिम , जैन , ईसाई , भाईयों की तरह मुलाक़ात करते हैं उन्होंने कहा कि मूसीक़ीना सिर्फ-ए-इबादत बल्कि रूहानियत है और मुजव्विज़ा क़व्वाली फेस्टीवल क़दीम और जदीद कव्वालियों का हुसैन इमतिज़ाज होगा।

फरीद अय्याज़ , अब्बू मुहम्मद क़व्वाल और निज़ामी बिरादरस अपने फ़न के ज़रिये मुहब्बत और ख़ुलूस का पयाम आम कर रहे हैं । क़व्वाली फेस्टीवल में वारसी बिरादरस हैदराबाद , हमज़ा अकरम और तैमूर अकरम पाकिस्तान , ताहिर हुसैन फ़रीदी क़व्वाल अमरीका , अहमद शाम सूफ़ी क़व्वाल अफ़्ग़ानिस्तान को मदऊ किया गया है । वाज़िह रहे कि हज़रत अमीर ख़ुसरो ने सूफियाना कलाम और मौसीक़ी को नई जिहत अताई की थी। दिल्ली को औलिया-ए-अल्लाह का मर्कज़ तसव्वुर किया जाता है जिनकी ख़ानक़ाहों में क़व्वाली को पज़ीराई हासिल हुई है।

TOPPOPULARRECENT