Tuesday , December 12 2017

नए आई एस आई सरबराह का दौरा-ए-यूरोप

आई एस आई के नए सरबराह लेफ्टीनेंट जनरल ज़हीर उल-इस्लाम अपने पेशरू अहमद शुजाअ पाशाह के हमराह बाअज़ योरोपी ममालिक के दौरा का मंसूबा रखते हैं ताकि पाकिस्तान के अमेरीका के साथ ताल्लुक़ात और नाटो सरबराही की राहों को दुबारा खोलने के बारे म

आई एस आई के नए सरबराह लेफ्टीनेंट जनरल ज़हीर उल-इस्लाम अपने पेशरू अहमद शुजाअ पाशाह के हमराह बाअज़ योरोपी ममालिक के दौरा का मंसूबा रखते हैं ताकि पाकिस्तान के अमेरीका के साथ ताल्लुक़ात और नाटो सरबराही की राहों को दुबारा खोलने के बारे में इ‍इटेलीजेंस और मिलेट्री के ओहदेदारों के साथ तबादला-ए-ख़्याल किया जा सके ।

अख़बार डॉन ने ग़ैर शनाख़्त शूदा ओहदेदारों के हवाले से कहा कि शुजाअ पाशा इस दौरा में ज़हीर उल इस्लाम के हमराह होंगे ताकि उन्हें आई एस आई में होने वाली तब्दीलियों से वाक़फ़ियत कराने में मदद कर सकें जबकि नए सरबराह ख़ुद को आलमी और इलाक़ाई मसाइल से हम आहंग कर रहे हैं।

ज़हीर उल-इस्लाम ने इस ताक़तवर जासूस एजेंसी के सरबराह की हैसियत से गुज़श्ता माह ही जायज़ा लिया है । अगरचे अमेरीका के साथ रवाबित और नाटो स्पलाई रूट्स के बारे में क़तई फैसला पार्लीयामेंट को करना है लेकिन ज़हीर उल-इस्लाम इम्कान है अपने दौरा-ए-यूरोप के दौरान इन दोनों मसाइल पर बात चीत करेंगे ।

बाअज़ अपोज़ीशन क़ाइदीन का इल्ज़ाम है कि हुकूमत अमेरीकी दबाव पर नाटो रूट्स खोल देना चाहती है ।

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