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‘नए दौर की द्रौपदी’ पांच भाइयों की इकलौती बीवी

नई दिल्ली, 20 मार्च: नए जमाने में द्रौपदी के किरदार को ज़िंदा रखने वाली देहरादून की 'राजो' पांच भाइयों की इकलौती बीवी है। चौंकिए मत राजो जबरदस्ती नहीं बल्कि अपनी मरजी से पांच भाइयों की बीवी बनी है।

नई दिल्ली, 20 मार्च: नए जमाने में द्रौपदी के किरदार को ज़िंदा रखने वाली देहरादून की ‘राजो’ पांच भाइयों की इकलौती बीवी है। चौंकिए मत राजो जबरदस्ती नहीं बल्कि अपनी मरजी से पांच भाइयों की बीवी बनी है।

देहरादून के नजदीक बसे एक गांव में राजो की शादी चार साल पहले गुड्डू वर्मा (21) के साथ हुई थी। गांव की रिवाज़ के मुतबैक गुड्डू वर्मा के दूसरे चार भाइयों को भी राजो ने बतौर शौहर कुबूल किया। यहां रिवाज है कि घर में एक बेटे की बीवी बनकर आने वाली बहु दूसरे भाइयों की भी बीवी बन जाती है।

गुड्डू से शादी के साथ ही राजो दिगर तीन भाइयों की बीवी बनी। चौथे भाई के 18 साल के होते ही राजो उसकी भी बीवी बन गई। इस वक्त गुड्डू के अलावा बज्जू वर्मा (32), गोपाल वर्मा (26), संत वर्मा (28) और दिनेश वर्मा (19) राजो के शौहर हैं।

डेली मेल के मुताबिक राजो की गोद में इस वक्त 18 माह का एक बेटा भी है। खास बात ये है कि राजो को नहीं मालूम कि इस बेटे का वालिद कौन सा भाई है।

ऐसा भी नहीं है कि राजो का मकान बहुत बड़ा है। राजो सिर्फ एक ही कमरे के पहाड़ी मकान में रहती है। रात को सभी मेम्बर कंबल बिछा कर सोते हैं। वसूलो के मुताबिक राजो दिन बदल बदल कर हर एक भाई के साथ रात गुजारती है।

राजो का कहना है कि वो अपने पांचों शौहरों से बहुत खुश है। उसे इस घर में काफी इज्जत और प्यार मिला है जो शायद गांव की किसी भी बीवी को हासिल नहीं है। राजो का कहना है कि वो किसी भी शौहर को दूसरे शौहरों से ज्यादा अहमियत नहीं देती।

उसकी नज़र में सभी शौहर एक बराबर हैं और मोहतरम

दूसरी तरफ राजो के इख्तेयारी शौहर गुड्डू का कहना है कि राजो सभी भाइयों से प्यार करती है। गुड्डू ने कहा कि सभी भाइयों के साथ ताल्लुक होने पर उसे कोई जलन नहीं होती। सभी रात को एक ही कमरे में बिछे कंबलों पर सोते हैं लेकिन कभी भी किसी के मन में कड़वाहट नहीं आई।

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