Wednesday , December 13 2017

नक्सलीयों की मदद करने वाले देही अवाम पर कर्फ्यू , जुर्माने आइद किए जाएं

क़ौम के ख़िलाफ़ जंग करने वाले साँप मुंबई कमिशनर पुलिस सत्य पाल सिंह का बयान

क़ौम के ख़िलाफ़ जंग करने वाले साँप मुंबई कमिशनर पुलिस सत्य पाल सिंह का बयान
नकसलाइट्स की लानत से निमटने केलिए पुलीस कमिशनर मुंबई सत्य पाल सिंह ने तजवीज़ रखी कि जो देहाती नकसलाइट्स की मदद करते हैं उनपर भारी जुर्माने आइद किए जाएं , कर्फ्यू नाफ़िज़ किया जाये और सरपंचों-ओ-बुज़ुर्गों को इस बात का पाबंद किया जाये कि जो कोई देही शख़्स नक्सली को ग़िज़ा और आसरा देता है इस के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें ।

नक्सली को क़ौम के ख़िलाफ़ जंग करनेवाले साँप क़रार देते हुए मुंबई कमिशनर पुलीस ने कहा कि नकसलाइट्स का पता चला की ज़रूरत है । उनको तलाश करके उनका सफ़ाया किया जाये । देही अवाम पर इजतिमाई ज़िम्मेदारी आइद की जाये और जो देही अवाम नक्सली से क़ुरबत रखते हैं उनको सज़ा दी जाये, जो सिक्योरिटी एजंसियों को उनके काम से रोकते हैं उन पर जुर्माने आइद किए जाएं।

इंडियन पुलिस जर्नल के ताज़ा शमाह में जो सिनियर पुलिस और इंटेलिजेंस कम्यूनिटी ऑफीसरस के ख़्यालात और तबसरों का मजमूआ है तो को बी पी आर डी ने शाय किया है । 1980 बैच महाराष्ट्र कैडर के पुलिस ऑफीसर ने नकसलाइट्स तशद्दुद से निमटने में रियासती उमोर पर तन्क़ीद की और नकसलाइट्स कुमलक की दाख़िली सलामती केलिए सब से बड़ा ख़तरा क़रार दिया । उन्होंने लिखा है कि मुल्क में अब तक की इख़तेयार करदा मुख़ालिफ़ नक्सली हिक्मत-ए-अमली तशवीशनाक है ।

सरकारी एजंसियों में ताल मेल का मामला सिर्फ़ काग़ज़ की हद तक ही महिदूद है । अब वक़्त आगया है कि ये एतराफ़ किया जाये कि मुक़ामी अफ़राद सड़कों की तामीर और दीगर इनफ्रास्ट्रक्चर की फ़राहमी के बावजूद नज़म-ओ-नसक़ का साथ नहीं दे रहे हैं । इन इनफ्रास्ट्रक्चर से उनकी मीआर ज़िंदगी में मामूली बेहतरी आई है । कमिशनर ने अपने मज़मून का उनवान जंगल में आग , नक्सली लानत से निमटना रखा है । इनका कहना है कि नक्सली तहरीक पर रोक लगाने की ज़रूरत है ।

अमली और नफ़सियाती तौर पर अवाम की सोच को बदलना होगा । मज़ीद बरआं इंतहापसंद और अवामी हमल-ओ-नक़ल को बाक़ायदा बनने केलिए इजतिमाई ज़िम्मेदारीयों का एहसास उजागर करना होगा । तमाम देही अवाम को नक्सली से दूर करने के लिए उनपर इजतिमाई जुर्माने आइद करने होंगे।गाँव में कर्फ्यू लगाकर उनकी नक़ल-ओ-हरकत पर नज़र रखनी होगी ।इस के मुतबादिल में गाँव‌ के सरपंच और दीगर देही बुज़ुर्गों को भी सज़ा दी जानी चाहीए ।

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