नजीब की माँ को हिरासत में लिये जाने पर सोशल मिडिया में ज़बरदस्त आलोचना

नजीब की माँ को हिरासत में लिये जाने पर  सोशल मिडिया में ज़बरदस्त आलोचना

नई दिल्ली : जेएनयू से लापता हुए स्टूडेंट नजीब अहमद को गायब हुए आज 24 दिन को हो गये हैं |लेकिन दिल्ली पुलिस नजीब को ढून्ढ पाने में नाकामयाब रही है |नजीब अहमद की बरामदगी की मांग को लेकर दिल्ली के इंडियन गेट पर Justice for Najeeb- United Citizen’s Vigil के नाम से  एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था| लेकिन दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में बैरिकेड लगाकर इंडिया गेट जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है | पूरे इलाक़े में धारा 144 लगा दी गई है | प्रदर्शन में शामिल लोगों और नजीब की माँ को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है |दिल्ली पुलिस के इस क़दम की सोशल मीडिया पर ज़बरदस्त आलोचना हो रही है |

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इसकी निंदा करते हुए कहा है कि एक माँ की आहें तुम्हें लगेंगी !

अमीक़ जामेई ने लिखा है कि नज़ीब की मॉ पर दिल्ली पुलिस के हमले का विरोध करता हू!

काशिफ अहमद फराज़ ने लिखा है कि लानत है ऐसी पुलिस और व्यवस्था पर जो एक अपरहण का पता लगाने के बजाये उन्हें गिरफ्तार करते हैं जो ढूँढने की मांग कर रहे हैं | नजीब की माँ और उसकी बहन को डिटेन कर पुलिस ने अपनी नाकामी और हताशा का सबूत दिया है.

नवेद चौधरी लिखते हैं कि हक़ मांगोगे तो ना हक़ मार दिए जाओगे.इंसाफ़ मांगोगे तो पेलेट गन से अंधे कर दिये जाओगे.आवाज़ उठाओगे तो उठा लिए जाओगे.सवाल करोगे तो एक दिन के लिए प्रसारण रोक दिया जायेगा.रोड पर आओगे तो लाठी खाओगे..
यह तानाशाही नहीं है तो फ़िर क्या है.??

मेहँदी हसन ऐनी लिखते हैं कि इसे पुलिसिया आतंक कहें?या लोकतंत्र की मर्यादाओं का उंलन्घन?लेकिन याद रखो,इस मां की आह और तुम्हारे ईशवर, के बीच कोई पर्दा नहीं है,इसे बहूत जल्द इंसाफ़ मिलेगा,

गौरतलब है कि जेएनयू  से एमएससी बायॉटेक्नॉलजी फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट नजीब का एबीवीपी के कुछ छात्रों के साथ झगडा हुआ था | जिसके बाद बीते 15 अक्टूबर से नजीब गायब है | नजीब की बरामदगी की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है |लेकिन नजीब का भी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है |

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