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नन बैंकिंग कंपनी पर लगाम की तैयारी

पटना 15 जून : बिहार में काम कर रहे नॉन बैंकिंग कंपनियों पर रियासती हुकूमत ने सख्त करने का फैसला लिया है। इसके लिए मौजूदा कानून में तरमीम किया जायेगा। अभी जिला अफसर को इत्तेला देने के बाद ही नॉन बैंकिंग कंपनियों के कारनामों की जांच क

पटना 15 जून : बिहार में काम कर रहे नॉन बैंकिंग कंपनियों पर रियासती हुकूमत ने सख्त करने का फैसला लिया है। इसके लिए मौजूदा कानून में तरमीम किया जायेगा। अभी जिला अफसर को इत्तेला देने के बाद ही नॉन बैंकिंग कंपनियों के कारनामों की जांच किये जाने का तजवीज है। ऐसे में कई बार तहकीकात की कार्रवाई पूरी नहीं हो पाती है।

हाल ही में कई मामलों में डिप्टी कलक्टर (बैंकिंग) नॉन बैंकिंग कंपनियों में तहकीकात करने पहुंचे, तो उन्हें जांच में तावुन करने से बैंक इंतेजामिया की तरफ से इनकार कर दिया गया। इस हालत को ज़ेहन में रखते हुए जुमा को फायनेंस महकमा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रामेश्‍वर सिंह की सदारत में हुई आला सतही बैठक में जमाकर्ताओं के मुफाद के तहफ्फुज़ के एक्ट 2002 में तरमीम करने का फैसला लिया गया। बैठक में रिर्जव बैंक ऑफ इंडिया और चार्टड एकाउंटेंट एसोसिएशन के नुमाय्न्दे भी शामिल हुए।

आम आवाम से मांगी जायेगी राय : बैठक में इसके लिए समाज के हर तबके से राय लेने का भी फैसला लिया गया है। तरमीम को लेकर आम लोगों की राय वेबसाइट पर मदउ की जायेगी।

प्रोमोटरों पर होगी कार्रवाई : सरकारी जराए ने बताया कि नये तरमीम के तहत नन कंपनियों के प्रोमोटरों पर कार्रवाई होगी. जो प्रोमोटर एक कंपनी खोलने के बाद उसे दिवालिया एलान करके दूसरी कंपनी खोल लेते हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

चिट फंड कानून का होगा मुताला : जराए ने बताया कि बैठक में मर्क़जी चिट फंड कानून में किये गये शरायत का मुताला करने का भी फैसला किया गया है। बिहार में चलायी जा रही नन बैंकिंग कंपनियों के कारनामों से मुतल्लिक शकों को अपनाने पर गौर किया जायेगा।

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