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नफ़रत और फ़िर्कापरस्ती फैलाने बीजेपी, आरएसएस की कोशिशें तशवीशनाक

नई दिल्ली 25 अगस्त: राज्य सभा में अप्पोज़ीशन लीडर ग़ुलाम नबी आज़ाद, एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी दिग्विजय सिंह, तेलंगाना क़ानूनसाज़ असेंबली में अप्पोज़ीशन लीडर मुहम्मद अली शब्बीर, एआईसीसी के तर्जुमान और साबिक़ रुकने पार्लियामेंट एम अफ़ज़ल और दुसरे कई मुमताज़ शख़्सियात ने नई दिल्ली के इस्लामिक कल्चरल सेंटर में मुस्लिम मुजाहिदीन आज़ादी हिंद की तीन रोज़ा तस्वीरी नुमाइश का इफ़्तेताह किया जो 26 अगस्त तक जारी रहेगी।

इस मौके पर मुजाहिदीन आज़ादी-ए-नसीम मिर्ज़ा चंगेज़ी और शौकत अली हाश्मी को तहनियत पेश की गई। 106साला मिर्ज़ा चंगेज़ी ने शहीद भगत सिंह के साथ जद्द-ओ-जहद आज़ादी में हिस्सा लिया था। शौकत हाश्मी ने हिन्दुस्तान छोड़ दो तहरीक में सरगर्म रोल अदा किया था।

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने इस मौके पर ख़िताब करते हुए बीजेपी , आरएसएस की तरफ से नफ़रत-ओ-फ़िर्कापरस्ती फैलाए जाने पर गहिरी तशवीश का इज़हार किया और कहा कि हिन्दुस्तानी समाज सदीयों से तकसीरी जज़बे पर मबनी है और कोई भी ताक़त इस मुलक के सेक्युलर जज़बे को तबाह नहीं कर सकती। ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि सेकुलरिज्म और मज़हबी रवादारी दरअसल इस क़दीम हिन्दुस्तानी तहज़ीब का हिस्सा है जिस (तहज़ीब )के बारे में आरएसएस बह बाँग दहल तज़किरा क्या करती है।

दिग्विजय सिंह ने इस तस्वीरी नुमाइश को इन लोगों और तन्ज़ीमों के चेहरे पर तमांचा क़रार दिया जो जद्द-ओ-जहद आज़ादी में मुसलमानों के रोल पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि कई मज़ाहिब और उनके मानने वाले हिन्दुस्तान आए और यहीं पर बस गए । मुल्क में 99.99 फ़ीसद हिंदू और मुस्लमान एक और मुत्तहिद हैं सिर्फ 0.0 फ़ीसद लोग नफ़रत फैला रहे हैं। एआईसीसी सेल के चैरमैन कपोला राजू ने भी ख़िताब किया।

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