Tuesday , December 12 2017

नया सूनामी वार्निंग निज़ाम

साईंस और टेक्नोलोजी और अर्ज़ीयाती साईंस के वज़ीर-ए-ममलकत (Minister of State for Planning, Science & Technology and Earth Sciences)डाक्टर अश्वनी कुमार ने कल राज्य सभा में बताया कि सूनामी की इत्तिला (खबर) देने वाला नया निज़ाम (इंतेज़ाम/ प्रबंध)पहले ही शुरू कर दिया गया है और ये 2007 के

साईंस और टेक्नोलोजी और अर्ज़ीयाती साईंस के वज़ीर-ए-ममलकत (Minister of State for Planning, Science & Technology and Earth Sciences)डाक्टर अश्वनी कुमार ने कल राज्य सभा में बताया कि सूनामी की इत्तिला (खबर) देने वाला नया निज़ाम (इंतेज़ाम/ प्रबंध)पहले ही शुरू कर दिया गया है और ये 2007 के बाद से हफ़्ते के सातों दिन 24 घंटे काम कर रहा है।

वज़ीर मौसूफ़ (जिसकी प्रशंसा/ तारीफ की जाए) ने बताया कि इंडियन सूनामी अर्ली वार्निंग सैंटर (Indian tsunami early warning centre (ITEWC)) के आलमी ( दुनीयावी) दर्जे के कम्पूटर को मुवासलाती और जदीद (आधुनिक/नये) तकनीकी सहूलयात से लैस किया गया है और ये अब तक का एक सब से जदीद सूनामी वार्निंग देने वाला सेंटर ( केंद्र) है।

उन्होंने मज़ीद (इसके इलावा और भी ) बताया कि आई टी ई डब्लयू सी ( ITEWC) ने इसे इस तरह तैयार किया है कि ये बहर-ए-हिंद ( हिन्दुस्तान के सागर/समुद्र/ महासागर)में सूनामी उठने वाले असल मुक़ामात (स्थानों/ जगहों)का पता लगा सकेगा।

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