Saturday , September 22 2018

नयी रांची के लिए पांच मुकाम की निशानदेही किये गये

रियासत तशकील के 14 सालों बाद भी नयी रांची के लिए जमीन की तलाश जारी है। वजीरे आला रघुवर दास की हिदायत पर चीफ़ सेक्रेटरी राजीव गौबा ने रांची के डीसी मनोज कुमार से नयी रांची के लिए शहर के आस-पास वाकेय पांच साइटों की रिपोर्ट मांगी है।

रियासत तशकील के 14 सालों बाद भी नयी रांची के लिए जमीन की तलाश जारी है। वजीरे आला रघुवर दास की हिदायत पर चीफ़ सेक्रेटरी राजीव गौबा ने रांची के डीसी मनोज कुमार से नयी रांची के लिए शहर के आस-पास वाकेय पांच साइटों की रिपोर्ट मांगी है।

रिपोर्ट में नयी रांची बसाने के मद्देनजर मौजूद सरकारी ज़मीन, ज़मीन की सुरते हाल, मुतासीर होने वाले रैयतों की तादाद, पानी की मौजूदगी जैसी बातों का ज़िक्र करने के लिए कहा गया है। इसमें कम से कम नक़ल मकानी होने पर ख्याल रखा जायेगा। डीसी ने सुकुरहुटू में कुल 34 गांव के अलावा तुपुदाना के आगे उलातू और आसपास के इलाक़े, रिंग रोड के पास गढ़खटंगा और खूंटी रोड में 10 माइल के आसपास वाकेय इलाकों के नक्शे के साथ रिपोर्ट बनाने का काम शुरू कर दिया है।

तुपुदाना में है सबसे ज्यादा सरकारी जमीन

वजीरे आला को नयी रांची के लिए जिन पांच जगहों के बारे में सुझाया जा रहा है, उनमें सबसे ज्यादा गैर मजरूआ (सरकारी) जमीन तुपुदाना के आगे उलातू और आसपास के इलाकों को मिला कर मौजूद है। वहां तकरीबन 1500 एकड़ गैर मजरूआ जमीन है। वहीं, सुकुरहुटू के 34 गांवों में वाकेय दो साइटों को मिला कर करीब 1300 एकड़ गैर मजरूआ जमीन है। रिंग रोड के पास गढ़खटंगा और आसपास के इलाकों को मिला कर 900 एकड़ और खूंटी रोड में 10 माइल के पास तकरीबन 600 एकड़ सरकारी ज़मीन मौजूद है।

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