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नरेंद्र मोदी मुक़ामी लीडर का हश्र देख कर डर गए !

नरेंद्र मोदी की ख़राफ़ात(मांफी ख्याल) से पाक तक़रीर पर ना सिर्फ़ हैदराबाद बल्कि मुल्क के बेशतर अफ़राद हैरतज़दा हैंके आख़िर बगै़र फ़िर्कावाराना रिमार्कस के नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में कैसे अपने ख़िताब को मुकम्मिल किया।

नरेंद्र मोदी की ख़राफ़ात(मांफी ख्याल) से पाक तक़रीर पर ना सिर्फ़ हैदराबाद बल्कि मुल्क के बेशतर अफ़राद हैरतज़दा हैंके आख़िर बगै़र फ़िर्कावाराना रिमार्कस के नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में कैसे अपने ख़िताब को मुकम्मिल किया।

नरेंद्र मोदी की लाल बहादुर स्टेडीयम में हुई तक़रीर में किसी किस्म की शर अंगेज़ी ना होने का सहरा रियास्ती महिकमा पुलिस के सर जाता है या फिर रियास्ती हुकूमत को इस का क्रेडिट हासिल होगा।

इस का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है चूँकि बावसूक़ ज़राए से मौसूला इत्तिला के बमूजब रियास्ती हुकूमत ने चीफ़ मिनिस्टर गुजरात को इस बात का पाबंद कर दिया था कि वो हैदराबाद में किसी किस्म की शर अंगेज़ी ना करें।

बताया जाता हैके रियास्ती हुकूमत के ज़िम्मेदारों ने पुलिस के आला ओहदेदारों के तवस्सुत से नरेंद्र मोदी तक ये पैग़ाम पहुंचा दिया था कि अगर वो किसी किस्म की शर अंगेज़ी या इश्तिआल अंगेज़ी के मुर्तक़िब होते हैं तो आंध्र प्रदेश पुलिस इश्तिआल और शर से निमटने का फ़न अच्छी तरह से जानती है।

वाज़िह रहे कि हालही में रियासत के ज़िला आदिलाबाद के मौज़ा निर्मल में हुई एक मुबयना इश्तिआल अंगेज़ तक़रीर का भी रियास्ती हुकूमत ने सख़्त नोट लेते हुए मुक़र्रर के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए तक़रीबन 40 दिन् तक उन्हें हिरासत में रखा। बादअज़ां उनकी ज़मानत पर रिहाई अमल में आई।

नरेंद्र मोदी ने पिछ्ले दिन लाल बहादुर स्टेडीयम में तक़रीर के दौरान किसी किस्म की इश्तिआल अंगेज़ी नहीं की जिस की बुनियादी वजह बताया जाता हैके उन तक हुकूमत का ये पैग़ाम दो दिन पहले ही पहूँचा दिया गया था कि अगर किसी किस्म की इश्तिआल अंगेज़ी होती है तो रियास्ती हुकूमत दस्तूर में मौजूद सख़्त दफ़आत का इसतेमाल करते हुए कार्रवाई से गुरेज़ नहीं करेगी।

निर्मल में अकबर उद्दीन ओवैसी की तक़रीर के बाद किरण कुमार रेड्डी हुकूमत ने ये वाज़िह किया था कि रियास्ती हुकूमत किसी भी तरह की इश्तिआल अंगेज़ी से सख़्ती के साथ निमटेगी चूँकि हुकूमत को किसी के सयासी मुफ़ादात से कोई दिलचस्पी नहीं है बल्कि रियासत में अमन-ओ-अमान की बरक़रारी हुकूमत की अव्वलीन तर्जीह है।

ज़राए के बमूजब नरेंद्र मोदी ने अपने दौरा हैदराबाद के सिलसिले में साफ तौर पर अलैहदा ख़िताब तैयार किया था जिस में सरदार वल्लभ भाई पटेल का तज़किरा मौजूद था नरेंद्र मोदी की तक़रीर के मुताल्लिक़ पिछ्ले दो दिन से जारी तबसरों से ये बात वाज़िह होरही है कि नरेंद्र मोदी की आमद से पहले जो माहौल तैयार किया गया था, एसा कुछ नहीं हुआ और ख़ुद नरेंद्र मोदी ने भी मौके की नज़ाकत को महसूस करते हुए अपनी शख़्सियत का दूसरा रूप पेश करने की कोशिश की जोकि ना सिर्फ़ बी जे पी के हलक़ों में बल्कि अवामी हलक़ों में भी तरक़्क़ी के मुखौटे के तौर पर देखा जा रहा है।

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