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नरेंद्र मोदी फ़सादाद में मुलव्वस थे

नरेंद्र मोदी के लिए ताज़ा मसाइल पैदा करते हुए हाइकोर्ट के साबिक़ जज ने आज कहा कि साबिक़ रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला हरेन पांड्या ने इनसे गुजरात के दौरा के मौक़ा पर कहा था कि 2002 के फ़सादाद इन्किशाफ़ हक़ायक़ टीम की रिपोर्ट का एक हिस्सा थे जिस

नरेंद्र मोदी के लिए ताज़ा मसाइल पैदा करते हुए हाइकोर्ट के साबिक़ जज ने आज कहा कि साबिक़ रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला हरेन पांड्या ने इनसे गुजरात के दौरा के मौक़ा पर कहा था कि 2002 के फ़सादाद इन्किशाफ़ हक़ायक़ टीम की रिपोर्ट का एक हिस्सा थे जिस में चीफ़ मिनिस्टर पर इल्ज़ाम आइद किया गया था कि उन्होंने पुलिस को हिदायत दी थी कि हिंदुओं को फ़सादाद के दौरान खुल कर अपने ग़ुस्सा का इज़हार करने का मौक़ा दिया जाए ।

बॉम्बे हाइकोर्ट के एक सबकदोश जज जस्टिस एच सुरेश ने आज ये भी इल्ज़ाम आइद किया कि सुप्रीम कोर्ट की मुक़र्रर कर्दा ख़ुसूसी तहक़ीक़ाती टीम एस आई टी से ऐसा मालूम होता है कि इसकी जानिब से उनके और पीपल्ज़ ट्रिब्यूनल्स (People’s Tribunals) के दूसरे रुकन जस्टिस पी बी सावंत साबिक़ जज सुप्रीम कोर्ट के दर्ज करवाए हुए ब्यानात नज़र अंदाज कर रही है जो मार्च । अप्रैल 2002 में गुजरात फ़सादाद के बाद साबिक़ सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस वी आर कृष्णा आयर ने भी दिए थे ।

जस्टिस सुरेश ने कहा कि ट्रिब्यूनल (tribunal) एस आई टी को इल्ज़ामात के सबूत भी फ़राहम कर चुकी है कि मोदी ने पुलिस को हिदायत दी थी कि हिंदुओं को अपने ग़ुस्सा के इज़हार और मुस्लमानों को सबक़ सिखाने का मौक़ा दिया जाए । 13 मई 2002 को साबिक़ रियास्ती वज़ीर-ए-दाख़िला हरेन पांड्या ने उनके सामने इस का इन्किशाफ़ किया था ।

हरेन पांड्या को 26 मार्च 2003 को क़त्ल कर दिया गया । जस्टिस सुरेश ने कहा कि इन के पास हरेन पांड्या के ब्यान की आडीयो रिकार्डिंग मौजूद है ।पांड्या ने कहा था कि मोदी ने 27 फ़रवरी को एक इजलास (न्यायालय) में पुलिस को फ़सादीयों को नज़रअंदाज करने की हिदायत दी थी ।

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