नवंबर-दिसंबर में पंचायत, अप्रैल-मई में मुंसिपल कॉर्पोरेशन इंतिख़ाब

नवंबर-दिसंबर में पंचायत, अप्रैल-मई में मुंसिपल कॉर्पोरेशन इंतिख़ाब
लोग 12 जनवरी तक वार्डों के दुबारा तशकील से मुतल्लिक़ खराबियों पर एतराज़ दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद पंचायतों के दुबारा तशकील से मुतल्लिक़ नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। साल 2010 में अक्टूबर से दिसंबर के दरमियान रियासत में पंचायत इंतिख़ाब औ

लोग 12 जनवरी तक वार्डों के दुबारा तशकील से मुतल्लिक़ खराबियों पर एतराज़ दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद पंचायतों के दुबारा तशकील से मुतल्लिक़ नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएगी। साल 2010 में अक्टूबर से दिसंबर के दरमियान रियासत में पंचायत इंतिख़ाब और अप्रैल-मई में मुंसिपल कॉर्पोरेशन के इंतिख़ाब कराए गए थे।

पंचायत इंतिख़ाब

जिले के 33 मौजूदा सरपंच वार्ड पंच नहीं लड़ सकेंगे इंतिख़ाब। इसलिए 2015 के अप्रैल-मई में ही कमीशन 8 मुंसिपल कॉर्पोरेशन का इंतिख़ाब कराने की तैयारी को आखरी शक्ल देने में जुटा है। रियासत इंतिख़ाब कमीशन शिव बसंत ने कहा कि पंचायत इंतिख़ाब के नज़रिये से ही तीन जनवरी को वार्डों के परिसीमन का ड्राफ्ट जारी किया जा रहा है।

पंचायती राज एक्ट में 500 की आबादी पर पंचायतों में वार्डों का दुबारा तशकील किया जाना है। 2011 में हुई मर्दम शुमारी का अदाद आ जाने के बाद कमीशन के लिए फिर से वार्डों की तशकील जरूरी हो गया है। इसी मक़सद से वार्डों का तशकील किया जा रहा है। 2010 में हुए पंचायत इंतिख़ाब के वक़्त पंचायतों में 44 हजार वार्ड थे। नए सिरे से परिसीमन के बाद इसकी तादाद बढ़कर करीब 50 हजार होने की इमकान है।

10 जनवरी को बैठक

मुंसिपल कॉर्पोरेशन की इंतिख़ाब को लेकर भी वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया जा रहा है। धनबाद व देवघर को छोड़कर दीगर मुंसिपल कॉर्पोरेशन में वार्डों के परिसीमन का काम पूरा हो गया है। धनबाद व देवघर में भी वक़्त पर काम पूरा हो सके, इसके लिए रियासती इंतिख़ाब कमीशन ने 10 जनवरी को अपने दफ्तर में बैठक बुलाई है। इसमें अधूरे कामों को पूरा करने पर गौर होगा। साथ ही नगर निकाय इंतिख़ाब में जरूरी मुलाज़िमीन और वसायलों समेत दीगर मुद्दों पर बहस की जाएगी।

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