Wednesday , December 13 2017

नवाज को बुलाना मुल्क के साथ गद्दारी: शंकराचार्य

शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी के हलफबरदारी की तकरीब में पाकिस्तान के वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ को बुलाना गलत है। शंकराचार्य ने कहा कि हम चाहते हैं कि पडोसी मुल्को से हमारे अच्छे ताल्लुकात हो लेकि

शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी के हलफबरदारी की तकरीब में पाकिस्तान के वज़ीर ए आज़म नवाज शरीफ को बुलाना गलत है। शंकराचार्य ने कहा कि हम चाहते हैं कि पडोसी मुल्को से हमारे अच्छे ताल्लुकात हो लेकिन पाकिस्तान के वज़ीर ए आज़म को हलफबरदारी तकरीब में दावत देना गलत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पीएम को बुलाना मुल्क के साथ गद्दारी है।

उन्होंने कहा कि साबिक पीएम अटल विहारी वाजपेयी जब बस लेकर पाकिस्तान गये तो कारगिल काण्ड हुआ जिसमें हमारे कई जवान शहीद हुए। मनमोहन सिंह ने जब पाक से दोस्ती का हाथ बढाया तो हमारे पांच जवानों के सिर कलम हुए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के हेरात में हिंदुस्तानी सिफारतखाने पर हमला हुआ है। जब जब हमने पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढाया उसने हमारी पीठ में छूरा भोंका। उन्होंने कहा कि पाक को उसी की ज़ुबान में जवाब दिया जाना ही मुनासिब होगा।

उन्होंने सलाह दी कि चीन और पाकिस्तान की सरहद पर हमें जदीद सहूलियात देने के साथ साथ दिफाई बजट में बढोत्तरी करनी चाहिए है। उन्होंने फौज के तीनों सदर को और इख्तियार देने की भी सलाह दी।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी अब सिर्फ वाराणसी से एमपी ही नहीं वज़ीर ए आज़म भी हैं। उन्हें वाराणसी की शकाफ्त् रिती रिवज़ और पुरानी शक्ल को बनाए रखने के लिए काम करना होगा।

मज़हब के मुताबिक चलते हुए आईन (संविधान) पर अमल करने के साथ ही उन्हें सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर अयोध्या में राममंदिर की तामीर कराना होगा।

TOPPOPULARRECENT