नसबंदी ऑपरेशन में बडी लापरवाही, 8 ख्वातीन की मौत, 15 नाज़ुक

नसबंदी ऑपरेशन में बडी लापरवाही, 8 ख्वातीन की मौत, 15 नाज़ुक
नसबंदी का टारगेट पूरा कराने के लिए छत्तीसगढ में लगाए गए एक कैम्प में कुछ ही घंटों में 83 ख्वातीन की नसबंदी कर दी गई। घर जाने के कुछ ही घंटे बाद ख्वातीन की तबीयत बिगडने लगी। उन्हें उल्टियां आने लगीं। एक दिन बाद ही ख्वातीन की मौत का सिल

नसबंदी का टारगेट पूरा कराने के लिए छत्तीसगढ में लगाए गए एक कैम्प में कुछ ही घंटों में 83 ख्वातीन की नसबंदी कर दी गई। घर जाने के कुछ ही घंटे बाद ख्वातीन की तबीयत बिगडने लगी। उन्हें उल्टियां आने लगीं। एक दिन बाद ही ख्वातीन की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। अब तक आठ की जान चली गई हैं। वहीं, 52 ख्वातीन अस्पताल में शरीक है, जिनमें से 32 की हालत नाज़ुक बनी हुई है।

वाकिया के सामने आते ही रियासत की हुकूमत ने फौतशुदा ख्वातीन के घर वालों को दो-दो लाख और बीमार महिलाओं को 50-50 हजार रूपए मुआवजा देने का ऎलान किया गया है।

Family Planning Program के तहत 8 नवंबर को सकरी के नेमीचंद जैन हॉस्पिटल में नसबंदी कैम्प मुनाकिद हुआ था। इसमें तखपतपुर ब्लॉक की 83 ख्वातीन नसबंदी ऑपरेशन के लिए पहुंची थीं। सुबह उन्हें बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया और ऑपरेशन किया गया। इसके बाद इन्हें दवाइयां देकर छुट्टी दे दी गई।

घर पहुंचते ही ख्वातीन को उल्टियां होने लगीं। घर वालों ने पहले तो इसे आम तौर पर लिया, लेकिन इतवार के रोज़ भी ख्वातीन की हालत नहीं सुधरी। हालत बिगडने पर इतवार की शाम तक एक-एक कर 28 ख्वातीन को संजीवनी एक्सप्रेस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

नाज़ुक हालत में सुमेदा व रजनी बाई को सिम्स रेफर किया गया है। अब तक 8 ख्वातीन की मौत हो चुकी।

डॉक्टर मुसलसल अस्पताल में शरीक ख्वातीन की इलाज में जुटे हुए है। सीएम डॉ. रमन सिंह ने जांच के लिए तीन रुकनी कमेटी बनाने की हिदायत दिए हैं। साथ ही हेल्थ डिपार्टमेंट के डायरेक्टर को फौरन बिलासपुर के लिए रवाना भी किया। पीर की देर रात हेल्थ मिनिस्टर अमर अग्रवाल सिम्स में मुतास्सिरा को देखने पहुंचे तो वहां हंगामा ख़डा हो गया।

खानदान वालो ने अग्रवाल से लापरवाही पर जवाब मांगा और उनका घेराव भी किया। इस बीच पुलिस वहां आई और मामले को शांत कराया।

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