Saturday , December 16 2017

नहीं तोड़ पाया अफगान खातून एमपी का हौसला

अफगानिस्तान में ख्वातीन के हुकूक के लिए मुहिम चलाने वाली शुकरिया बराकजई की तकरीबन एक हफ्ते पहले खुदकश हमले में कत्ल करने की कोशिश हुयी थी, लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है| काबुल में एक अस्पताल में उन्होंने कहा, ‘‘मैं नह

अफगानिस्तान में ख्वातीन के हुकूक के लिए मुहिम चलाने वाली शुकरिया बराकजई की तकरीबन एक हफ्ते पहले खुदकश हमले में कत्ल करने की कोशिश हुयी थी, लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है| काबुल में एक अस्पताल में उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं चाहती कि अफगानिस्तान की ख्वातीन खौफ की शिकार हों|’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं ठीक होने का इंतजार कर रही हूं और मैं (काम पर) लौटूंगी. और इस बार पहले से ज्यादा मेहनत करूंगी| यह सिर्फ मुझ पर नहीं बल्कि अफगानिस्तान की सभी ख्वातीन पर हमला था |’’ गुजश्ता इतवार के रोज़ पार्लियामेंट के करीब मेन रोड सड़क पर उनकी कार एक खुदकश हमले हमले की चपेट में आ गयी थी |

पार्लियामेंट की 41 साला रुकन बराकजई बच गयीं लेकिन उनकी कार को नुकसान पहुंचा था | धमाके में तीन शहरी मारे गए थे| बराकजई का दायां हाथ जख्मी हो गया और वह इलाज़ करा रही हैं| बराकजई अफगानिस्तान में ख्वातीन के हुकूक के लिए काम करने वाली सबसे बुलंद आवाज हैं|

इस वजह से कई बुनियाद परस्त मुस्लिम उनसे खार खाए हुए हैं और आए दिन तालिबान इंतेहापसंद समेत इस्लामी गुटों की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलती है| उन्होंने कल कहा कि, ‘‘मुझे कई बार धमकी मिली है लेकिन इस बार वे (करीब करीब) कामयाब रहे| क्या मैं उनके लिए खतरा हूं ? मैं तो अफगानिस्तान में सिर्फ ख्वातीन के हुकूक के लिए काम कर रही हूं |’’

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