नहीं निकला बालू बुहरान का हल, दाम बढ़े

नहीं निकला बालू बुहरान का हल, दाम बढ़े
रियासत में बालू का बोहरान जारी है। इसकी वजह दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। तामीर काम ठप पड़ गए हैं। कालाबाजारी उरोज पर है। गुजिशता छह दिन में फी ट्रक बालू की कीमत में 11 हजार रुपए तक की इजाफा हो गई है। स्टॉक में बचे बालू को मनचाही कीमतों में

रियासत में बालू का बोहरान जारी है। इसकी वजह दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। तामीर काम ठप पड़ गए हैं। कालाबाजारी उरोज पर है। गुजिशता छह दिन में फी ट्रक बालू की कीमत में 11 हजार रुपए तक की इजाफा हो गई है। स्टॉक में बचे बालू को मनचाही कीमतों में बेचा जा रहा है। इधर, हुकूमत ने बालू उठाव की अब तक कोई ओपशनल निजाम नहीं की है। 28 जनवरी से पूरे रियासत के बालू घाटों से बालू का उठाव बंद है। हुकूमत ने तमाम बालू घाटों की नीलामी मंसूख कर दी है। इसके बाद से यह हालत पैदा हुई है।

झारखंड बालू ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के जेनरल सेक्रेटरी मोइज अख्तर ने बताया कि तमाम बालू घाटों से बालू का उठाव ठप होने की वजह से मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है। लगभग छह हजार ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। तमाम बालू घाटों पर ग्राम पंचायतों को हक़ मिलना चाहिए। नीलामी से पहले मुतल्लिक़ जिले के डीसी बालू की शरह तय करें, जिससे बाहरी कंपनी और माफियाओं की पैठ न हो सके। हुकूमत से बालू पर बिला ताखीर सख्त पॉलिसी लागू करने की मांग की जाएगी।

हुकूमत के मुताबिक ओपशनल निजाम के तहत सबसे पहले जिले के डीसी बालू की शरह तय करेंगे। जिस बालू घाट से बालू का उठाव किया जाएगा, वहां के डीसी या जिला कानकुनी ओहदेदार के यहां ट्रकों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। ट्रकों के लिए एक रूट मुकर्रर किया जाएगा। फिलहाल इस पर वजीरे आला की मुहर नहीं लगी है।

मूअदनी सेक्रेटरी अरुण ने कहा है कि बालू उठाव की ओपशनल निजाम जल्द लागू होगी। इस पर वर्कआउट किया जा रहा है। वहीं जिलों में बालू घाट के लिए टेंडर का इश्तिहार जारी करने की अमल शुरू कर दी गई है।

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