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नानावती कमीशन पर एस आई टी का इन्हिसार (निर्भर) क्यों,गुजरात हाइकोर्ट का सवाल

गुजरात हाइकोर्ट को मतला किया गया कि 2002 के फ़सादाद की तहक़ीक़ात करने वाले नानावती कमीशन को रियास्ती हुकूमत की जानिब से तौसीअ दी गई है क्योंकि इस ने फ़सादाद के मुक़द्दमात में ख़ुसूसी तहक़ीक़ाती टीम (एस आई टी) की तहक़ीक़ाती रिपोर्ट हासि

गुजरात हाइकोर्ट को मतला किया गया कि 2002 के फ़सादाद की तहक़ीक़ात करने वाले नानावती कमीशन को रियास्ती हुकूमत की जानिब से तौसीअ दी गई है क्योंकि इस ने फ़सादाद के मुक़द्दमात में ख़ुसूसी तहक़ीक़ाती टीम (एस आई टी) की तहक़ीक़ाती रिपोर्ट हासिल करने के लिए मज़ीद वक़्त तलब किया है।

एडवोकेट जनरल कमल त्रीवेदी ने रियास्ती हुकूमत की नुमाइंदगी करते हुए अदालत में एक मकतूब पेश किया जो नानावती कमीशन के सेक्रेटरी जी के पटेल की जानिब से तहरीर किया गया है और इस में इस तहक़ीक़ाती कमीशन की मीयाद में तौसीअ की दरख़ास्त की गई थी।

अदालत ने मफ़ाद-ए-आम्मा की एक दरख़ास्त पर समाअत के दौरान गुज़श्ता रोज़ रियास्ती हुकूमत से कहा था कि रिटायर्ड जस्टिस जी टी नानावती और रिटायर्ड जस्टिस अक्षय महित पर मुश्तमिल इस तहक़ीक़ाती कमीशन को 9 माह की तौसीअ देने से मुताल्लिक़ अस्बाब-ओ-वजूहात की तफ्सीलात फ़राहम की जाएं।

नानावती कमीशन के सेक्रेटरी के मकतूब में कहा गया है कि एस आई टी ने चीफ़ मिनिस्टर नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ शिकायात पर अपनी क़तई रिपोर्ट पेश कर दी है और कमीशन ने एस आई टी से ये रिपोर्ट तलब की है। मकतूब में दरख़ास्त की गई है कि एस आई टी की जानिब से कमीशन को रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद कमीशन की मीयाद ( वक़्त) में मज़ीद तीन माह की तौसीअ की जाए।

मोदी से पूछगिछ के बारे में एस आई टी की जानिब से कमीशन को रिपोर्ट की फ़राहमी के सवाल पर एक मुक़द्दमा सुप्रीम कोर्ट में ज़ेर दौरां है। कारगुज़ार चीफ़ जस्टिस भास्कर भट्टाचार्य और जस्टिस जे पी पाड़दी वाला पर मुश्तमिल डीवीजन बैंच ने बादअज़ां एडवोकेट जनरल से कहा कि आया किस लिए एस आई टी की रिपोर्ट के नतीजा को कमीशन अपनी तहक़ीक़ात की बुनियाद बनाना चाहता है।

अगरचे ख़ुद इस कमीशन को अपने तौर पर तहक़ीक़ात करने के इख़्तेयारात हासिल हैं और फिर क्या वजह है कि ये कमीशन सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से मुक़र्रर शूदा एस आई टी पर इन्हिसार(निर्भर) कर रहा है।

अदालत ने ये सवाल भी किया कि आया इस मसला पर नानावती कमीशन को कोई नोटिस जारी की जानी चाहीए? ताहम एडवोकेट जनरल ने मुदाख़िलत करते हुए कहा कि वो इस बात से कमीशन को आगाह करेंगे और अदालत से बहुत जल्द दुबारा रुजू होंगे।

अदालत ने इस मुक़द्दमा की मज़ीद समाअत ( सुनवाई) के लिए आइन्दा पेशी 9 मई को मुक़र्रर की गई है।

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