नासर इस्कूल के ज़ेर एहतिमाम टाइगर फैस्ट

नासर  इस्कूल के ज़ेर एहतिमाम टाइगर फैस्ट
नासर इस्कूलन बोयस गच्ची बाव‌ली 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक तवील(लामबा)(Tiger Fest) मनाया गया। 8 अक्टूबर को मेहमान ख़ुसूसी मिस्टर ए शंकरण क्यूरेटर नहरो ज़वालोजीकल पार्क हैदराबाद ने तलबा और इस्टाफ़ को मुख़ातब करते हुए कहा के शेर को जंगल का बादश

नासर इस्कूलन बोयस गच्ची बाव‌ली 3 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक तवील(लामबा)(Tiger Fest) मनाया गया। 8 अक्टूबर को मेहमान ख़ुसूसी मिस्टर ए शंकरण क्यूरेटर नहरो ज़वालोजीकल पार्क हैदराबाद ने तलबा और इस्टाफ़ को मुख़ातब करते हुए कहा के शेर को जंगल का बादशाह कहा जाता है।

जंगल की शान शौकत के लिए बादशाह का रहना ज़रूरी है। शेरों की वजह से (ECO System) बरक़रार रहता है जिस की वजह से जंगल ख़ूब फलता फूलता है। इस की वजह से (Biological Environment) का तवाज़ुन बराबर रहता है।

उन्हों ने कहा के इस वक़्त सारी दुनिया में सिर्फ 3000 शेर हैं, जिस में से तक़रीबन 2000 शेर इंडिया में हैं। इस में से 75 फ़ीसद शेर आंध्र प्रदेश में हैं। बेहतरीन (Environment) के लिए शेरों की हिफ़ाज़त ज़रूरी है। बरीगीडीर (रिटायर्ड) रूमी कुमार प्रिंसिपल ने अपनी इफ़्तिताही तक़रीर में कहा के ये जो (Tiger Fest) मनाया गया। दरअसल तालीम के साथ साथ तलबा में एक किस्म की दिलचस्पी पैदा करना है।

पीछ्ले सालनासर इस्कूल ने शेर अपर्णा के 3 महीने के अख़राजात की ज़िम्मेदारी ली थी। तलबा की दिलचस्पी को देखर इस्कूल ने इस साल पूरे एक साल के अख़राजात की ज़िम्मेदारी ली है।

इस रंगारंगी प्रोग्राम के मौक़ा पर चीर परसन मुहतरमा बेगम अनीस ख़ां बोर्ड आफ़ डायरैक्टर की मैंबर मुहतरमा बेगम रईस हस्न, डायरैक्टर जवाइंट सैक्रेटरी नवाब मीर क़ुतुब उद्दीन ख़ां, सी ई ओ मीर हफ़ीज़ उद्दीन अहमद, तमाम असातेज़ा और तलबा दीगर(दुसरे ) इस्टाफ़ मौजूद थे।

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