Saturday , April 21 2018

नासिक : ख़ानगी ट्रस्ट में नमाज़ की अदायगी के ख़िलाफ़ पुलिस हुक्मनामा पर इलतिवा

ये वाज़िह करते हुए कि किसी ख़ानगी ट्रस्ट‌ की इमारत में नमाज़ की अदायगी के लिए किसी इजाज़त की ज़रूरत नहीं है बंबई हाइकोर्ट ने नासिक पुलिस की जानिब से एक मुस्लिम ट्रस्ट को जारी किये गये हुक्मनामे पर उबूरी हुक्म इलतिवा जारी कर दिया है।

ये वाज़िह करते हुए कि किसी ख़ानगी ट्रस्ट‌ की इमारत में नमाज़ की अदायगी के लिए किसी इजाज़त की ज़रूरत नहीं है बंबई हाइकोर्ट ने नासिक पुलिस की जानिब से एक मुस्लिम ट्रस्ट को जारी किये गये हुक्मनामे पर उबूरी हुक्म इलतिवा जारी कर दिया है।

इस हुक्मनामे के ज़ारिये नासिक पुलिस ने ट्रस्ट पर पाबंदी आइद करदी थी कि वो अपनी इमारत में अवाम को अदायगी नमाज़ की इजाज़त ना दे। 11 जुलाई को जारी की गयी एक हुक्मनामे के सीनियर पुलिस इन्सपेक्टर भद्राकाली पुलिस स्टेशन नासिक ने मदनी सेंटर से कहा था कि वो अवाम को अपनी इमारत में नमाज़ की अदायगी के लिए जमा होने की इजाज़त ना दें क्योंकि इस के नतीजे में इलाक़े में ट्रैफ़िक में ख़लल पैदा हो रहा है। मदनी ट्रस्ट के सदर नशीन मुमताज़ अहमद ख़ान ने इस हुक्मनामे के ख़िलाफ़ हाइकोर्ट में दरख़ास्त दायर की थी और इस्तिदा की थी कि उसे कलअदम क़रार देदिया जाये। इस दरख़ास्त के मुताबिक़ दावा किया गया था कि ट्रैफ़िक में ख़लल का सिर्फ़ बहाना बनाया जा रहा था जिसके तहत पुलिस नमाज़ पंजगाना की अदायगी को रोकना चाहती है।

मदनी ट्रस्ट मुंबई एजूकेशनल ऐंड वेलफेय‌र ट्रस्ट की इमारत में 2008 से काम कर रहा है। इस मर्कज़ ने ट्रस्ट से ये इजाज़त हासिल की है कि यहां देवबंदी मुस्लमानों को नमाज़ के लिए जमा होने की इजाज़त दी जाये क्योंकि उन्हें किसी दूसरी मस्जिद में नमाज़ की अदायगी की इजाज़त नहीं दी जा रही है। ट्रस्ट का इल्ज़ाम है कि दूसरे मसालिक से ताल्लुक़ रखने वाले अफ़राद पुलिस पर दबाव‌ डालते हुए यहां नमाज़ की अदायगी को रुकवाना चाहते हैं। जस्टिस वी एम कनाडे और जस्टिस के एस श्री राम पर मुश्तमिल एक डिवीज़न बेंच ने पुलिस के हुक्मनामे पर उबूरी हुक्म इलतिवा जारी कर दिया है और रियास्ती हुकूमत को हिदायत दी गई है कि वो इस मसले पर अंदरून चार हफ़्ते अपना जवाब अदालत में दाख़िल करे।

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