Tuesday , December 12 2017

नासिर मदनी की दरख़ास्त ज़मानत मुस्तर्द

बैंगलोर, २३ नवंबर, ( पीटीआई) कर्नाटक हाईकोर्ट ने केरला के पी डी पी क़ाइद और 2008 के सिलसिला वार बम धमाकों के मुल्ज़िम अब्दुल नासिर मदनी की दरख़ास्त ज़मानत को मुस्तर्द कर दिया जो उन्होंने अपनी ख़राबी सेहत की बुनियाद पर दाख़िल की थी।

बैंगलोर, २३ नवंबर, ( पीटीआई) कर्नाटक हाईकोर्ट ने केरला के पी डी पी क़ाइद और 2008 के सिलसिला वार बम धमाकों के मुल्ज़िम अब्दुल नासिर मदनी की दरख़ास्त ज़मानत को मुस्तर्द कर दिया जो उन्होंने अपनी ख़राबी सेहत की बुनियाद पर दाख़िल की थी।

अदालत ने अलबत्ता उन्हें इस बात की इजाज़त दी कि वो पुलिस की निगरानी में अपना ईलाज अपनी पसंद के किसी भी हॉस्पिटल में करवा सकते हैं। दरख़ास्त ज़मानत मुस्तर्द करते हुए जस्टिस एच एन नाग मोहन ने उन्हें सौकिया इंटरनैशनल हॉस्पिटल ऐंड होलिस्टिक सेंटर और अग्रवाल सुपर स्पेशलिस्टी आई हॉस्पिटल में ईलाज करवाने की इजाज़त दी जिसके लिए उनके साथ पुलिस का दस्ता भी होगा और ईलाज के मसारिफ़ ख़ुद नासिर मदनी को बर्दाश्त करने होंगे।

अदालत ने इस बात का भी ख़ुसूसी नोट लिया कि सुप्रीम कोर्ट ने 3 जनवरी 2012 के अपने एक मकतूब में पुलिस को हिदायत की थी कि वो नासिर मदनी को बेहतर से बेहतर ईलाज फ़राहम करे जहां उन्हें कोटाकल वैद्य शाला मौक़ूआ बैंगलोर ले जाने की हिदायत भी की गई थी।

उन्हें ये आज़ादी भी दी गई थी कि ज़रूरत पड़ने पर वो फ़ाज़िल अदालत से दुबारा रुजू भी हो सकते हैं लेकिन नासिर मदनी ने फ़ाज़िल अदालत से कोई राबिता क़ायम नहीं किया था लिहाज़ा अदालत ने आज अपना फ़ैसला सुना दिया।

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