Friday , September 21 2018

ना वाबस्ता तहरीक(आंदोलन) कान्फ़्रैंस के दौरान हिंद । पाक क़ाइदीन की मुलाक़ात

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह बंगला देश, नेपाल और अफ़्ग़ानिस्तान की क़ियादत(नेतृत्व/Leadership ) से भी बाहमी मुलाक़ातें करेंगे

वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह बंगला देश, नेपाल और अफ़्ग़ानिस्तान की क़ियादत(नेतृत्व/Leadership ) से भी बाहमी मुलाक़ातें करेंगे
हिंदूस्तान और पाकिस्तान के चोटी के क़ाइदीन की मुलाक़ात ईरानी दार-उल-हकूमत तहरान में मुनाक़िद होने वाली ना वाबस्ता तहरीक की चोटी कान्फ़्रैंस के दौरान होगी।

मोतमिद ख़ारिजा रंजन मथाई ने आज नामा निगारों से ख़िताब करते हुए उस की तौसीक़ की कि वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह तहरान में 28 से 31 अगस्त तक मुनाक़िद होने वाली ना वाबस्ता छौटी कान्फ़्रैंस के दौरान पाकिस्तान के सदर आसिफ़ अली ज़रदारी से मुलाक़ात करेंगे।

उन्हों ने बताया कि कान्फ़्रैंस के वक़्त डाँक्टर सिंह का पाकिस्तान के इलावा बंगला देश, नेपाल और अफ़्ग़ानिस्तान के क़ाइदीन के साथ भी बाहमी मुलाक़ात का प्रोग्राम है। हिंदूस्तान और पाकिस्तान के आला क़ाइदीन के दरमयान ये मीटिंग ऐसे वक़्त होरही है जबकि हाल ही में पाकिस्तान की सरज़मीन से मुख़्तलिफ़ वैबसाईटस के ज़रीया हिंदूस्तान में नफ़रत और अफ़्वाहों की मुहिम चलाए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं और तक़रीबन 250 वेबसाइटों पर पाबंदी भी लगाई गई है।

ये दरयाफ़त किए जाने पर कि क्या वज़ीर-ए-आज़म इस मीटिंग के दौरान पाकिस्तानी क़ियादत के सामने हाल में रौनुमा हुए इन वाक़ियात को ज़ेर गुफ़्तगु लाईंगे, मथाई ने कहा कि अभी तो हम बाहमी मीटिंग्स का वक़्त तै करने के मरहले में हैं, जैसे ही मीटिंग तए होगी, उस की तफ़सीलात आप को ज़रूर बताई जाएंगी।

वज़ीर-ए-आज़म के तौर पर डाँक्टर मनमोहन सिंह तीसरी बार ना वाबस्ता चोटी कान्फ़्रैंस में हिस्सा ले रहे हैं। इस से पहले वो 2006 में हवाना और 2009 मैं श्रम उल-शेख़ चोटी कान्फ़्रैंस में शरीक होचुके हैं। ना वाबस्ता ममालिक के क़ाइदीन की ये 16 वीं चोटी कान्फ़्रैंस तहरान में ऐसे वक़्त मुनाक़िद होरही है जब अमेरीका ऐटमी हथियारों के सवाल पर ईरान को बैन-उल-अक़वामी सतह पर अलग थलग कर देने की कोशिशों में लगा हुआ है और ऐसे में ये कान्फ़्रैंस ईरान के हौसलों को तक़वियत देने में मुआविन साबित होसकती है।

दूसरी तरफ़ हिंदूस्तान किसी भी तौर पर ऐसा कोई रोल अदा करता हुआ नज़र नहीं आना चाहता जिस से अमेरीका के किसी एजंडे को आगे बढ़ाने का शुबा हो। मुख़्तलिफ़ सवालों के जवाब में ख़ारिजा सैक्रेटरी ने ये वाज़िह किया कि हिंदूस्तान इस कान्फ़्रैंस के दौरान ईरान के साथ अपने ताल्लुक़ात को मज़ीद फ़रोग़ देने पर तवज्जु मर्कूज़ करेगा। ना वाबस्ता फ़ोर्म की एक ख़ुसूसी कामयाबी ये भी है कि इस दौरान हिंदूस्तान, ईरान और अफ़्ग़ानिस्तान के साथ सहि फ्रीकी मीटिंग मुनाक़िद करेगा

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