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निजी मुआमलत पर करप्शन का इतलाक़ ( बंधन मुक्त) नहीं होता

मुंबई, ०७ अक्टूबर (पी टी आई) वज़ीर फायनेन्स पी चिदम़्बरम ने कहा कि 2 ख़ानगी इन्फ़िरादी अश्ख़ास (व्यक्तियों) के माबैन ( बीच) किसी रुकमी मुआमलत को करप्शन तसव्वुर करते हुए पूछताछ नहीं की जा सकती। उन्होंने सोनीया गांधी के दामाद राबर्ट वडर

मुंबई, ०७ अक्टूबर (पी टी आई) वज़ीर फायनेन्स पी चिदम़्बरम ने कहा कि 2 ख़ानगी इन्फ़िरादी अश्ख़ास (व्यक्तियों) के माबैन ( बीच) किसी रुकमी मुआमलत को करप्शन तसव्वुर करते हुए पूछताछ नहीं की जा सकती। उन्होंने सोनीया गांधी के दामाद राबर्ट वडरा के ख़िलाफ़ रीयल स्टेट मुआमलतों में मुबय्यना ( कथित) तौर पर बे क़ाईदगियों ((अनियमितता/धांधलीयों)की हुकूमत की जानिब से तहक़ीक़ात के बारे में सवाल पर ये बात कही।

उन्होंने कहाकि इन इल्ज़ामात के सच या झूट होने से वो वाक़िफ़ नहीं लेकिन किसी भी दो इन्फ़िरादी अश्ख़ास के माबैन ( बीच) ख़ानगी नौईयत की रुकमी मुआमलत पर इस बुनियाद पर सवाल नहीं किया जा सकता कि इन की ये मुआमलत बदउनवानीयों ( भ्रष्टाचार) पर मबनी ( बनी) थी।

चिदम़्बरम ने कहाकि यक़ीनन उन्हें भी राबर्ट वडरा के बारे में इत्तिला मिली है लेकिन ये मुआमलत दो ख़ानगी ( निजी) इन्फ़िरादी अफ़राद ( दो व्यक्तियो) के माबेन ( बीच) है और उन्होंने मुताल्लिक़ा इनकम टैक्स और दीगर रिटर्नस में इस का इन्किशाफ़ ( ज़ाहिर) भी किया है।

किसी ने भी उसे करप्शन पर मबनी ( निर्धारित) हरकत क़रार नहीं दिया था। इस मुआमले में वो इससे ज़्यादा कुछ नहीं कह सकते। सियोल सोसाइटी कारकुन अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने कल इल्ज़ाम आइद किया था कि रीयल स्टेट की मशहूर कंपनी डी एल एफ़ में अक़रबा पर्वरी का मुज़ाहरा किया गया और इस का फ़ायदा मुबय्यना तौर पर राबर्ट वडरा को पहूँचा।

उन्होंने राबर्ट वडरा के बिज़नेस की भी तहक़ीक़ात का मुतालिबा किया कि मामूली रक़म से वो अचानक ये 300 करोड़ रुपय तक किस तरह पहूंच गए। क़ब्लअज़ीं कांग्रेस ने आज उन इल्ज़ामात की तहक़ीक़ात का मुतालिबा मुस्तर्द ( रद्द) कर दिया था।

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