Friday , September 21 2018

निरभय‌ केस कम-सिन मुजरिम की रिहाई की राह हमवार

नई दिल्ली: दिल्ली में पेश आए इजतिमाई इस्मत रेज़ि के मुक़द्दमा ( निरभय‌ ) में सज़ा याफ़ता कमउम्र मुजरिम की रिहाई के लिए आज राह हमवार हो गई है क्योंकि दिल्ली हाइकोर्ट ने इसकी रिहाई में मुदाख़िलत से इनकार कर दिया है। अदालत का कहना था कि मौजूदा क़वानीन के तहत इस कम-सिन मुजरिम को रिहा होने से नहीं रोका जा सकता।

ये मुजरिम अब 20 बरस की उम्र को पहूंच गया है और इमकान है कि वो 20 दिसम्बर को रिहा होजाएगा जबकि उसकी तीन साल जेल की सज़ा पूरी हो गई थी। अगर सुप्रीमकोर्ट में अपील की गई और सुप्रीमकोर्ट ने इसकी रिहाई पर हुक्म अलतिवा जारी किया तो फिर उसकी रिहाई रुक सकती है।

इस फ़र्द की रिहाई के ख़िलाफ़ अवामी बरहमी को नज़रअंदाज करते हुए हाइकोर्ट की एक बंच ने जो चीफ जस्टिस जी रूहीनी और जस्टिस जय‌नाथ पर मुश्तमिल थी जस्टिस बोर्ड को हिदायत दी कि वो मुल्ज़िम उस के वालदैन और मुताल्लिक़ा ओहदेदारों से राबिता करे ताकि उसकी बाज़ आबादकारी और समाजी ज़िंदगी के ताल्लुक़ से तबादला ख़्याल हो सके। बेंच ने कहा कि बी जे पी लीडर सुब्रामणियम स्वामी की दरख़ास्त भी क़बूल नहीं की जा सकती कि इसकी रिहाई पर हुक्म अलतिवा जारी किया जाये।

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