Thursday , December 14 2017

निज़ाम तालीम को फ़िर्क़ा वारीयत का रंग देने की मज़म्मत

नाम निहाद लो जिहाद मसले पर मीडिया ख़ामोश तमाशाई : वलीउल्लाह क़ादरी का बयान

नाम निहाद लो जिहाद मसले पर मीडिया ख़ामोश तमाशाई : वलीउल्लाह क़ादरी का बयान

मुल्क के तालीमी निज़ाम को ज़ाफ़रानी रंग देने की कोशिश का बी जे पी पर इल्ज़ाम आइद करते हुए क़ौमी सदर ए आई एस एफ़ सय्यद वलीउल्लाह क़ादरी ने कहा कि पिछले तीन माह से क़ौमी सतह पर लो जिहाद को बुनियाद बनाकर मुस्लिम तलबा का अर्सा हयात तंग करने की कोशिशें की जा रही हैं।

एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान जनाब सय्यद वलीउल्लाह क़ादरी ने दिल्ली यूनीवर्सिटी में मुस्लिम तलबा पर हुए एसिड हमले का हवाला देते हुए कहा कि क़ौमी सतह पर फ़िर्क़ापरस्त ताक़तें लव‌ जिहाद को बुनियाद बनाकर मुस्लिम तलबा को मुसलसल निशाना बना रहे हैं और मुतअस्सिब ज़राए इबलाग़ फ़िर्क़ापरस्तों की साज़िशों पर ख़ामोश तमाशाई बना हुआ है।

उन्होंने ए आई एस एफ़ की जानिब से भगवा तंज़ीमों की साज़िशों के ख़िलाफ़ एहतेजाज को जारी रखने का एलान किया और कहा कि तालीम में ज़ाफ़र अनीत की बढ़ती इजारादारी इस मुल्क के सैकूलर निज़ाम के लिए संगीन ख़तरा है जिस की तमाम गोशों मज़म्मत ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि मोदी इंतेज़ामीया सरकारी तालीमी निज़ाम को फ़रोग़ देने के बजाय बैरूनी इदारों को ख़ुसूसी तहफ़्फुज़ात और मरात पेश करके हिन्दुस्तान के सरकारी तालीमी निज़ाम को ख़त्म करने की कोशिशों में मसरूफ़ है। उन्होंने कहा कि मर्कज़ी हुकूमत की मुवाफ़िक़ बैरूनी तालीमी निज़ाम पालिसीयों के सबब 32हज़ार के क़रीब तालीमी इदारे बंद होने के दहाने पर पहुंच गए हैं।

उन्होंने तग़ज़ाई की कमी के सबब आज भी यौमिया कई मासूम क़ौमी सतह पर फ़ौत होरहे हैं सरकारी स्कूल कॉलेज ओरावली तालीमी इदारे बुनियादी सहूलतों से महरूम हैं। वसाइल की कमी के सबब इस मुल्क का ग़रीब तबक़े ख़ानगी तालीमी इदारों में तालीम हासिल करने से महरूम है जिस के सबब नाख़्वान्दगी में इज़ाफ़ा होता जा रहा है। उन्होंने क़ौमी सतह पर उर्दू से मुतासबाना रवैय्या की मज़म्मत की। उन्होंने मौलाना आज़ाद फाउंडेशन और फ़रोग़ उर्दू के नाम पर चिल्लाए जा रहे इदारों की कारकर्दगी में बेहतरी लाने मर्कज़ की संजीदगी को ज़रूरी क़रार दिया।

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