निज़ाम ज़कात को शफ़्फ़ाफ़ बनाना और ज़रूरतमंदों तक पहुंचाना ज़रूरी

निज़ाम ज़कात को शफ़्फ़ाफ़ बनाना और ज़रूरतमंदों तक पहुंचाना ज़रूरी
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हैदराबाद 20 जून: इजतेमाई निज़ाम ज़कात के ज़रीये उमत के कई मसाइल को हल किया जा सकता है और ग़रीब तबक़ात की तरक़्क़ी के लिए हिक्मत-ए-अमली को काबिले अमल बनाया जा सकता है।

ग़यासुद्दीन बाबू ख़ां सदर नशीन हैदराबाद ज़कात ऐंड चैरिटेबल ट्रस्ट-ओ-फ़ाउंडेशन फ़ार इकनॉमिक ऐंड एजूकेशनल डेवलपमेंट ने सालाना मीटिंग के दौरान ख़िताब करते हुए इन ख़्यालात का इज़हार किया। उन्हों ने बताया कि निज़ाम ज़कात को बेहतर-ओ-शफ़्फ़ाफ़ बनाने के साथ साथ ज़रूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए बेहतर अंदाज़ में काम करने की ज़रूरत है और ईसी मक़सद के तहत हैदराबाद ज़कात ऐंड चैरिटेबल ट्रस्ट की तरफ से सतह ग़ुर्बत से नीचे ज़िंदगी गुज़ारने वाले ख़ानदानों की मदद करते हुए उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने बताया कि पिछ्ले 24 बरसों के दौरान ट्रस्ट के ज़रीये 100 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए हैं। ग़यासुद्दीन बाबू ख़ां ने कहा कि जारीया साल 10 करोड़ 26 लाख रुपये की इमदाद तक़सीम की गई है जिसके ज़रीये एक लाख 44 हज़ार 368 लोगें को फ़ायदा पहुंचाया गया है। उन्हों ने बताया कि फ़िलहाल ट्रस्ट की तरफ से 99 उर्दू मीडियम स्कूलस और 3 अंग्रेज़ी मीडियम स्कूलस चलाए जा रहे हैं जहां 70 फ़ीसद तालिबात हैं।

स्कूल एजूकेशन प्रोजेक्ट पर ट्रस्ट की तरफ से एक करोड़ 40 लाख रुपये ख़र्च किए जा रहे हैं जिसका फ़ायदा 24 हज़ार स्टूडेंट्स को हो रहा है। हैदराबाद ज़कात चैरिटेबल ट्रस्ट के सालाना मीटिंग में ज़िया उद्दीन, अबदुल अलीम ख़ान, मुफ़्ती मुहम्मद आज़म के अलावा दुसरे मोअज़्ज़िज़ीन मौजूद थे। इस मीटिंग में दोनों शहरों हैदराबाद-ओ-सिकंदराबाद में मोअज़्ज़िज़ीन हज़रात की बड़ी तादाद ने शिरकत की।

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