Thursday , September 20 2018

नीतीश कुमार को मिली ज्यादा सीटें तो रामविलास सहित घटक दलों की घट सकती है सीटें!

बिहार में लोकसभा चुनावों में एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा ने अपने सहयोगी दलों की शंकाओं का समाधान कर लिया है। जदयू ने बीते लोकसभा चुनाव में भले ही दो लोकसभा सीटें जीती हों, लेकिन इस बार एनडीए में उसकी सीटों की हिस्सेदारी लगभग एक दर्जन सीटों की होगी।

भाजपा, लोजपा व रालोसपा को अपनी सीटें कम करनी पड़ेंगी। गठबंधन को मजबूत करने को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सभी सहयोगी दलों के नेताओं के साथ मुलाकात कर चुके हैं। शाह के हाल के पटना दौरे के बाद भाजपा व जदयू के बीच अटकलें भी थम गई हैं।

शाह ने साफ कर दिया है कि एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। जदयू को छोड़ उसके अन्य सहयोगी दलों ने साथ पिछला चुनाव लड़ा था, इसलिए उनके साथ सीटों के बंटवारे को लेकर समस्या नहीं है।

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में राज्य की 40 सीटों में से भाजपा ने 22 और उसके सहयोगी दलों लोजपा ने छह व रालोसपा ने तीन सीटें जीती थीं।

नौ सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। सामाजिक समीकरणों के अनुसार भाजपा की जीती कुछ सीटें जद (यू) के पास जा सकती हैं और पिछली बार हारी कुछ सीटें भाजपा फिर से लड़ सकती है। लोजपा व रालोसपा की भी कुछ सीटें कम हो सकती है।

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