Saturday , April 21 2018

नीरव मोदी की कंपनी से कर्ज वसूली पर US कोर्ट ने लगाई रोक

अमेरिका की एक अदालत ने नीरव मोदी के स्वामित्व वाली कंपनी फायरस्टार डायमंड से कर्ज वसूली करने पर अंतरिम रोक लगा दी है. कंपनी ने इस हफ्ते की शुरुआत में दिवालिया प्रक्रिया के लिए आवेदन किया है. नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से करीब 12,000 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है. फायरस्टार डायमंड और उसकी सहयोगी कंपनियों में अन्य कंपनियों के माध्यम से मोदी का मेजॉरिटी शेयर है.

कंपनी ने सोमवार को न्यूयॉर्क दक्षिण की एक अदालत में अध्याय 11 के तहत स्वैच्छिक तौर पर दिवालिया के लिये याचिका दायर की है. न्यूयॉर्क की सदर्न डिस्ट्रिक्ट की दिवालिया अदालत ने कंपनी को राहत देते हुये आदेश में कहा कि दिवाला प्रक्रिया के आवेदन के साथ ही वसूली से जुड़ी अधिकतर गतिविधियों पर स्वत: रोक लग गई है. इसका मतलब यह है कि कर्जदाता उधार लेने वालों या उनकी संपत्ति से कर्ज वसूलने के लिये कार्रवाई नहीं कर सकते हैं.

रोक के आदेश का उल्लंघन करने पर कर्जदाताओं को वास्तविक और दंडात्मक क्षतिपूर्ति तथा वकीलों की फीस का भुगतान करना पड़ सकता है. अदालत ने 30 मार्च को न्यूयॉर्क में कर्जदाताओं की बैठक बुलाई है. अदालत की ओर से अंतरिम राहत का यह फैसला मिहिर भंसाली की तीन कंपनियों- फैंटेसी डायमंड इंक, फैंटेसी इंक और ए. जैफे इंक- की ओर से दिवालिया के लिये आवेदन करने के बाद आया है.

फायरस्टार डायमंड इंक ने बुधवार को अदालत में कर्जदाताओं की सूची के साथ विवरण प्रस्तुत किया है.

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