Saturday , September 22 2018

नीरव मोदी ने ED को भेजा ईमेल, कहा- न तो भारत आऊंगा और न ही कर्ज चुकाएगा,

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) महाघोटाले के आरोपी नीरव मोदी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन पर पेश होने से मना कर दिया है. ईडी ने बैंक फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए नीरव मोदी को समन जारी किया था, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया. ईडी ने मेल टुडे को इसकी पुष्टि की है.

नीरव मोदी ने एक ईमेल भेजकर ईडी से कहा है कि वह न तो भारत लौटेगा, न ही कर्ज चुकाएगा. इस मामले में ईडी ने पहले ही नीरव मोदी को नोटिस भेजा था. इस के जवाब में नीरव मोदी ने ईडी को ईमेल किया है कि वह भारत नहीं लौटेगा. पंजाब नेशनल बैंक नीरव मोदी से कर्ज की रकम वसूलना चाहता है लेकिन नीरव मोदी पहले ही मना कर चुका है कि उसकी संपत्तियां ईडी ने सील की है जिसकी वजह से वह कर्ज नहीं चुका सकता.

इन्फोर्समेंट डायक्ट्रेट को गुरुवार को ई-मेल के ज़रिए हीरा व्यापारी नीरव मोदी ने यह साफ कर दिया कि वह 11,400 करोड़ के घोटाले के मामले में इन्फोर्समेंट डायक्ट्रेट के आगे पेश नहीं हो सकता. ईडी ऑफिसर को ई-मेल में जवाब देते हुए नीरव ने पासपोर्ट के टेंपररी सस्पेंशन और बिज़नेस व्यस्तताओं का हवाला देते हिुए देश वापस आने से इंकार किया है.

9000 करोड़ के मनी लॉड्रिंग मामले में शराब करोबारी विजय माल्या ने भी कुछ सालों पहले ईडी के सामने पेश न हो सकने की यही वजहें दी थीं। जिसके बाद एंजेसी ने उन्हें इंडियन एंबेसी से ट्रेवल डॉक्यूमेंट इशू करवाकर देश वापस आने का सुझाव दिया था

हीरा कारोबारी नीरव मोदी पर PNB को 11000 करोड़ से ज्यादा की चपत लगाने का आरोप है. कहा जा रहा है कि उसने लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी साख पत्र की बिनाह पर बैंकों से ये रुपये कर्ज के तौर पर लिए और न लौटा पाने की स्थिति में देश छोड़कर भाग गया.

नीरव मोदी ने लिखा कि पीएनबी के द्वारा की गई शिकायत के बाद की गई कार्रवाई और मीडिया कवरेज से फायर इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (FIPL) कंपनी को काफी नुकसान पहुंचा है. जिससे बैंकों का बकाया चुकाने में हमें काफी मुश्किल हो सकती है.

नीरव ने लिखा कि बैंक की तरफ से पिछले कई वर्षों में तीन कंपनियों पर बायर्स क्रेडिट को बढ़ाया गया है. इस दौरान किसी भी कंपनी में कोई गड़बड़ी की बात सामने नहीं आई है. जो भी पैसा पीएनबी से लोन के तौर पर लिया गया था, उसका इस्तेमाल विदेशी शाखाओं में एडवांस पेमेंट करने के लिए किया गया है. FIPL और FPIPL पिछले कई साल से प्रॉफिट में हैं और इन्हें A-रैंकिंग भी मिली हुई है.

नीरव ने लिखा कि जैसा कि बैंक जानता है कि PNB ने खुद पिछले कई साल से हमें दिए गए पैसों पर ब्याज लेने का लाभ उठाया है, और उन्हें ब्याज समेत पीएनबी की सारी राशि चुकाई भी गई है.

उनसे आगे लिखा, जिस संपत्ति पर लगातार छापेमारी की जा रही है और मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार करीब 5649 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा रही है. अगर ये कार्रवाई ना हुई होती तो इन संपत्ति और अन्य कुछ संपत्तियों को मिलाकर बैंक का सारा पैसा लौटाया जा सकता था. लेकिन इस कार्रवाई के बाद ये कर पाना मुश्किल हो गया है.

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