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नीरा राडिया का बेस्ट फ्रेंड मोदी हैं! तभी तो उसे गुजरात में नैनो प्रोजेक्ट मिला और सुनील अरोड़ा चुनाव आयुक्त बने : स्वाति चतुर्वेदी

लेखक और पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी के अनुसार जो एक वरिष्ठ पत्रकार हैं जिन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स, ज़ी न्यूज़ और अन्य मीडिया समूहों के साथ काम किया है। वह हाल ही में प्रकाशित डैडी की गर्ल के लेखक हैं। उन्होने ट्विटर पर कहा है की कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया का बेस्ट फ्रेंड नरेंद्र मोदी हैं, तभी तो उसे गुजरात में नैनो प्रोजेक्ट मिला और चुनाव आयुक्त के रूप में रड़िया टेप के सुनील अरोड़ा को नियुक्त किया ।

गौरतलब है कि 1980 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी अरोड़ा केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

सुनील अरोरा का नाम पहले भी विवादों में रहा है लेकिन राडिया टेप में सुनील अरोड़ा का नाम आने के बाद पहली बार उन्हें अरुण जेटली ने जिम्मेदारी तब दी थी जब उन्हें 31 अगस्त 2015 को सूचना व प्रसारण मंत्रालय सेक्रेटरी बना गया। 2015 में सुनील अरोड़ा रिटायर हुए लेकिन सुनील अरोरा को अगस्त में मोदी सरकार ने प्रसार भारती का सलाहकार नियुक्त कर दिया था। सुनील अरोड़ा को ब्राडकास्टिंग के क्षेत्र में पहले कोई अनुभव नहीं रहा है। इससे पहले सुनील अरोड़ा एयर इंडिया के सीएमडी थे। एनडीए सरकार ने अरोरा को ऐसे वक़्त पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय का सचिव नियुक्त किया था जब सरकार एफएम चैनलों की ई नीलामी कर रही थी।

अरोड़ा पर सबसे बड़ा दाग यह है कि राडिया टेप में उनकी नीरा राडिया से 28 पेज की ट्रांसक्रिप्ट सामने आयी थी। जिसमे वह अम्बानी सहित कई उद्योगपतियों का फेवर कर रहे थे। नीरा राडिया सुनील अरोड़ा को वो तमाम रास्ते बता रही है जिससे कि वह एयर इंडिया के हेड बन सकते हैं। अरोड़ा के कारपोरेट अनुकूल होने का सबसे बड़ा प्रमाण रतन टाटा हैं जो खुद का उनका फेवर कर रहे है।

राडिया टेप में सुनील अरोड़ा के साथ हुई बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एविएशन के क्षेत्र में लॉबिंग एक्टिविटी की जाँच करने को कहा था। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आखिर ऐसे विवादित व्यक्ति को चुनाव आयुक्त बना दिए


बता दें की कॉर्पोरेट दलाल नीरा राडिया की कंपनी टाटा समूह और मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के लिए जनसंपर्क का काम किया करती थी. पिछले 2013 की शुरुआत में नीरा राडिया की विभिन्न उद्योगपतियों, राजनीतिज्ञों, अधिकारियों और पत्रकारों से फ़ोन पर हुई बातचीत के ब्यौरे मीडिया में प्रकाशित हुए थे. इस बातचीत के बाद से ही 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में नीरा राडिया की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे. इन टेप्स में देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा से फ़ोन पर की गई बातचीत भी शामिल है.राडिया को भी गुजरात में एक नैनो प्रोजेक्ट मिला है नरेंद्र मोदी के तरफ से शायद एक भेंट है।

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