Sunday , July 22 2018

नेपाल के रास्ते घुस सकते हैं दहशतगर्द , सरहद पर अलर्ट

पूर्णिया : लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के दर्जनों दहशतगर्द बांग्लादेश और नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं। हालांकि पठानकोट में सनीचर को हुए हमले के बाद दाखिला महकमा और रियासती हुकूमत ने हाई अलर्ट जारी किया है, लेकिन नेपाल की खुली सरहद दहशतगर्द के घुसपैठ के लिहाज से ज्यादा मुफीद माना जा रहा है।

बुर्का पहन घुस सकते हैं दहशतगर्द …

खुफिया जराये ने जो इमकान जाहिर की है उसमें बिल्कुल वाज़ेह है कि दहशतगर्द बुर्कानशीं खातून के वेश में सरहद में दाखिल कर सकता है। इतना ही नहीं, जराये के हवाले से जो खुफिया इनपुट मिल रहे हैं उसकी बुनियाद पर दहशतगर्द बिहार की सरहद में दाखिल करते ही उत्तर प्रदेश के रास्ते दिल्ली व दीगर शहरों का रुख कर 26 जनवरी के मौके पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

जराए की मानें तो कोसी और सरहदी इलाकों की 100 किलोमीटर की सरहद नेपाल से सटी हुई है। साथ ही यहां की खुली सरहद को दहशतगर्द घुसपैठ के नजरिए से सॉफ्ट टारगेट समझती है। सरहद के पार ट्रेंड किए गए इन दहशतगर्द को भारत की सरहद में पार कराना सबसे बड़ी चिलेंज है। अक्टूबर से लेकरनवंबर तक बिहार एसेम्बली इन्तिखाब के मद्देनजर सख्त सिक्यूरिटी निजाम के दरमियान घुसपैठ नाकामयाब हो जाने के बाद एक बार फिर से दहशतगर्द सरगर्म हैं।

इनकी सरगर्मी जब-जब बढ़ती है, तब-तब नेपाल में मधेश तहरीक जोर पकड़ लेता है। यही वजह है कि सरहद पार बैठे इनके आका ज़ेहन भटकाने के मकसद से मधेश तहरीक को हवा देकर घुसपैठ कराने को सरगर्म हो जाते हैं। मधेश तहरीक के जरिए आईएसआई ने लॉ एंड ऑर्डर को नेस्त नाबूद कर अपने मंसूबे में कामयाब रही है। इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे नेपाल के इलाके में मधेश की मजबूत पकड़ को देखते हुए आईएसआई ने इन इलाकों में साजिश के तहत तहरीक को हवा दी। जिस वजह से नेपाल के लॉ एंड ऑर्डर पर असर पड़ा और आईएसआई ने ब्लू प्रिंट के तहत मिशन को अंजाम दिया। इंडो-नेपाल बॉर्डर हमेशा से दहशतगर्द का सॉफ्ट जोन माना जाता रहा है, इसलिए मधेश तहरीक की आड़ में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआई ने 26 जनवरी के मद्देनजर अपनी सरगर्मियों को मिशन बिहार में तब्दील किया है।

 

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