नेपाल ‘भारत और चीन’ के साथ त्रिपक्षीय संबंध चाहता है – प्रचंड

नेपाल ‘भारत और चीन’ के साथ त्रिपक्षीय संबंध चाहता है – प्रचंड

नेपाल के नए प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने आज कहा कि उनका देश दो बड़े पड़ोसियों भारत एवं चीन के साथ त्रिपक्षीय संबंध विकसित करना चाहता है। प्रधानमंत्री एवं सीपीएन-माओइस्ट सेंटर के अध्यक्ष प्रचंड ने चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटेम्पररी रिलेशंस के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान यहां प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास पर बताया कि वह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग का स्वागत करने के इच्छुक हैं’ जो आगामी दो महीनों में नेपाल की यात्रा कर सकते हैं।

प्रचंड ने कहा, नेपाल उत्तरी पड़ोसी के साथ विश्वसनीय एवं दीर्घकालीन मित्रता विकसित करना चाहता है। वह दो बड़े पड़ोसियों भारत एवं चीन के साथ त्रिपक्षीय संबंध विकसित करना चाहता है।

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार सरकारी चीनी थिंक टैंक के प्रतिनिधि मंडल ने प्रचंड को बताया कि चीन नेपाल के साथ एक रचनात्मक एवं स्थायी संबंध स्थापित करना चाहता है।

उन्होंने भूकंप के बाद के निर्माण, सहयोग बढ़ाने एवं महापरियोजनाओं में नेपाल की मदद करने के संबंध में अनुभव एवं ज्ञान के आदान प्रदान की इच्छा प्रकट की। बयान में कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल ने नेपाल सरकार से ढांचागत सुविधाएं विकसित करने को कहा ताकि नेपाल में और अधिक चीनी पर्यटक आकर्षित हो सकें।

61 वर्षीय प्रचंड को बुधवार को दूसरी बार प्रधानमंत्री चुना गया। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2008 से वर्ष 2009 तक कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला था। उस समय सैन्य प्रमुख को बर्खास्त करने की उनकी कोशिश को लेकर राष्ट्रपति से हुए मतभेद के कारण उनका कार्यकाल समय पूर्व ही समाप्त हो गया था।

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