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नैशनल ई वीक एंटर प्रिनर‌शिप चेम्पियन‌शिप ,मुफ़ख़्ख़म जाह कॉलिज को कामयाबी

हैदराबाद । २६ फरवरी(रास्त) मुफ़ख़्ख़म जाह कॉलिज आफ़ इंजीनीयरिंग ऐंड टैक्नालोजी ने एंटर परीनर शिप वीक इंडिया 2012-ए-चमपीइन ट्रॉफ़ी जीत ली।

हैदराबाद । २६ फरवरी(रास्त) मुफ़ख़्ख़म जाह कॉलिज आफ़ इंजीनीयरिंग ऐंड टैक्नालोजी ने एंटर परीनर शिप वीक इंडिया 2012-ए-चमपीइन ट्रॉफ़ी जीत ली।

बैंगलौर के दयानंद सागर कॉलिज आडीटोरीयम मैं मुनाक़िदा नैशनल ई वीक 2012-ए-में मुफ़ख़्ख़म जाहकॉलिज ने तीन ट्रॉफ़ीयाँ हासिल करते हुए आंधरा प्रदेश के पर्चम वक़ार को बुलंद किया। इस चेम्पियन‌शिप में 540 नैशनल इंटरप्रेनर शिप नैटवर्क मैंबरस ने हिस्सा लिया था।मुफ़ख़्ख़म जाह कॉलिज आफ़ इंजीनीयरिंग ऐंड टैक्नालोजी वाहिद कॉलिज है जिस ने तीन एवार्ड्स हासिल किए जिन में Most Effective Public Awareness Award और E-Week India 2012 [email protected] Award भी शामिल हैं। प्रिंसिपल मुफ़ख़्ख़म जाह कॉलिज उफ़इंजीनीयरिंग ऐंड टैक्नालोजी डाक्टर बशीर अहमद और वाइस प्रिंसिपल डाक्टर फ़र्हत उल्लाह हुसैनी ने बताया कि एंटर परीनोर शिप के फ़रोग़ के मक़ासिद से ई वीक इंडिया का गुज़शतासाल से इनइक़ाद अमल में आ रहा हैं।

इस मर्तबा 30 शहरों के 540 इदारों के 80 हज़ार के लग भग तलबा-ए-और 1200 फैकल्टी मैंबरस ने ई वीक इंडिया में शिरकत की। ई वीक इंडिया 2012य-ए- का मौज़ू मुस्तक़बिल की ईजाद था, जिस में तलबा-ए-को इदारा केमुक़ामी और आम मसाइल से निमटने केलिए मुख़्तलिफ़ चैलेंजस की तकमील की दावत दी गई थी, जिस में पानी की क़िल्लत, कूड़ाकरकट से नजात, ट्रैफ़िक मसाइल, बिजली, आलूदगी, तवानाई के मुतबादिल वसाइल काबिल-ए-ज़िकर हैं। वाधवानी फाउंडेशन के सदर-ओ-सी ई ओ डाक्टर अजय कैला, जीवीटी के सी ई ओ मुकनद मोहन, मिस्टर के कृष्णा एगज़ीकीटीव डायरैक्टर नैशनल ने बह नफ़स नफ़ीस शिरकत की। एमजे कॉलिज के तलबा-ए-ने स्कूली तलबा-ए-में भी शऊर की बेदारी केलिए [email protected] ऐवार्ड भी हासिल किया। इस सिलसिला में एमजे कॉलिज के ई सेल से वाबस्ता अरकान 320 स्कूलस का दौरा किया और स्कूली तलबा-ए-को ई वीक से वाक़िफ़ करवाया।

80 हज़ार तलबा-ए-ने अनटरपरीनोर शिप सेल क़ायम किए ताकि तलबा-ए-के मुतनव्वे नज़रियात, ख़्यालात और उन की तजावीज़ को अमली शक्ल दी जा सकी। जनाब फ़र्हत उल्लाह हुसैनी ने नैशनल अनटरपरीनोर शिप नैटवर्क से मुताल्लिक़ बताया कि 2003-ए-में इस का क़ियाम अमल में आया। 80 हज़ार से ज़ाइद तलबा-ए-इस के मैंबरस हैं। वाधवानी फाउंडेशन, आई आई टी बांबी, आई आई ऐम अहमदाबाद, बिट्स प्लान एस पी जैन इंस्टीटियूट आफ़ मैनिजमंट ऐंड रिसर्च आफ़ बायो इन्फार्मेटिक्स बैंगलौर के तआवुन से इस का इनइक़ाद अमल में आता हैं।

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