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नोटबंदी: काम और पैसे न होने के कारण माँ नवजात बच्चे को 2000 में बेचने को हुई मजबूर

ओडिशा: केंद्रपाड़ा जिले के भ्रामारादियापटना इलाके से एक खबर सामने आई है जिसमें एक माँ नोटबंदी के कारण अपने नवजात बच्चे को बेचने के लिए मजबूर हो गई। मामला कुछ यूं है कि भ्रामारादियापटना के रहने वाली गीता मुर्मु जोकि एक दिहाड़ीदार है। गीता के २ बच्चे हैं और वह तीसरे बच्चे की माँ बनने वाली थी।

12 साल की बेटी और 5 साल के बेटे के पालन-पोषण वह मेहनत मजदूरी करके करती थी। लेकिन जब से देश में नोटबंदी की गई है तब से इलाके के दूसरे मजदूरों की तरह नोटबंदी के बाद गीता को भी कहीं काम नहीं रहा। दूसरी तरफ गर्भावस्था के दौरान उसका खर्च भी बढ़ गया था।

जिसके चलते अपना और अपने दो बच्चों का पेट पालने के लिए गीता ने अपने नवजात शिशु का सौदा अपनी पडोसी ममता साहू से 2 हजार रुपये में कर लिया। हालाँकि जिला प्रशासन अधिकारियों ने गीता और उसकी पड़ोसन के बीच हुए इस सौदे को गैर-कानूनी करार दिया है। जिसके चलते ममता साहू के परिवार ने बच्चे को लौटा दिया है।

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