Thursday , December 14 2017

नोटबंदी : काम न मिलने की वजह से भूखे मज़दूरों को लंगर का आसरा

दिल्ली : नोटबंदी के बाद से दिल्ली के दिहाड़ी मज़दूर काम छूट जाने से बेहद परेशान हैं | काम न मिलने की वजह से खाना खाने से भी मजबूर हुए ये मज़दूर गुरूद्वारे और दूसरे धार्मिक स्थलों के लंगर में अपना पेट भर रहे हैं |

चांदनी चौक में स्थित शीशगंज गुरुद्वारा के लंगर में हजारों लोगों को खाना खिलाया जाता है | यहाँ के एक दिन का राशन का खर्च लगभग 500 किलो दाल 600 किलो सब्ज़ी और एक टन चावल  होता है |इस मशूहर गुरुद्वारे की कम्युनिटी किचन हमेशा स्थानीय दुकानदार, विदेशी पर्यटकों और बेसहारा लोगों के लंगर(खाना) के लिए हमेशा बिज़ी रहती है |लेकिन पिछले कुछ हफ़्तों से लंगर हॉल में लंच के वक़्त भीड़ बहुत बढ़ गयी है | गुरुद्वारा प्रबंधन के अधिकारियों के मुताबिक़ बढ़ी हुई भीड़ की वजह से ज़्यादा खाना बनाया जा रहा है |

इसकी वजह है कि नोटबंदी की वजह से काम छूट जाने की वजह से दिहाड़ी मजदूर खाने की तलाश में दोपहर के वक़्त यहाँ आ रहे हैं |

8 नवंबर से 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोट बैन किये जाने के बाद मजदूरों को काम की बेहद परेशानी हो रही है | हौज काजी चौक पर काम की तलाश में खड़े रहने वाले बढ़ई, पेंटर और दूसरे मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है | जिसकी वजह से वह रोजाना 2 बजे के आसपास खाना खाने के लिए गुरुद्वारे में  आते हैं |

पेंटर का काम करने वाले गुलफ़ाम ने चौक के चारों ओर बैठे मजदूरों की ओर इशारा करते हुए बताया कि नोटबंदी के ऐलान के बाद से हमें कोई काम नहीं मिल पा रहा है | जिसकी वजह से हम खाना खाने के लिए रोज़ाना गुरुद्वारे जाते हैं|

वेल्डर का काम करने वाले सुजीत ने बताया कि दो हफ्ते से हमें कोई काम नहीं मिला है |  कोई काम नहीं होने की वजह से हम गुरुद्वारे में दोपहर का खाना खाते हैं | कभी कभी हम लोग मंदिर में भी चले जाते हैं वहां खाना बांटा जाता है |

गुरुद्वारा में खाना खाने वालों को सब्ज़ी, दाल, चावल, रोटी और हलवा परोसा जा रहा  है | शुक्रवार की दोपहर आलू और दाल परोसी गयी थी | रात के खाने के लिए शलजम के पकवान की तैयारी की जा रही थी |

शीशगंज गुरुद्वारा के अध्यक्ष रविंदर सिंह लवली, और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के एक सदस्य ने कहा कि लंगर में हमेशा भीड़ रहती थी | यहाँ लगभग 8,000 लोग हर रोज़ खाना खाते हैं| लेकिन नोटबंदी के ऐलान के बाद आने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है | उन्होंने बताया कि दिल्ली के गुरुद्वारे रोज़ाना लगभग एक लाख लोगों को खाना खिलाते हैं |

 

 

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