Tuesday , December 12 2017

नोटबंदी की वजह से ख़राब हुए हालात, सड़कों पर हो सकते हैं दंगे : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:  केंद्र सरकार को नोटबंदी के मामले में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक ही सप्ताह में दूसरी बार कड़े सवालों का सामना करना पड़ा, और शुक्रवार को कोर्ट ने कहा, “सड़कों पर दंगे हो जाएंगे…”| निचली कोर्ट या हाईकोर्ट में नोटबंदी से जुड़े किसी भी मामले की सुनवाई पर रोक लगाने से भी सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया|

नोटबैन के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिकाओं का ज़िक्र करते हुए भारत के प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने कहा कि समस्या काफी गंभीर है| सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स सच्चाई से केंद्र सरकार इंकार नहीं किया जा सकता कि नोटबंदी से लोगों को दिक्कतें हो रही हैं | चीफ जस्टिस के मुताबिक, यह मामला ‘हाई मैग्नीट्यूड’ का है, क्योंकि इससे लोग प्रभावित हो रहे हैं| जस्टिस ने कहा कि हालत गंभीर है और ऐसे हालात में में दंगे भी हो सकते हैं| उन्होंने कहा कि लोगों का हाई कोर्ट में आना साबित कर रहा है कि हालात गंभीर हैं|

चीफ जस्टिस ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आपने 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बैन किया है, लेकिन 100 रुपये के नोट का क्या हुआ…?” जवाब में सरकार ने कहा कि नए नोटों के लिहाज़ से उन्हें री-कैलिब्रेट करना होगा क्यूंकि मौजूदा समय में एटीएम मशीनों में सिर्फ 100 रुपये के नोटों के लिए एक ही ड्रॉअर लगा हुआ है|

पुराने नोटों के बदले नए नोट देने के लिए 4,500 रुपये की सीमा को घटाकर सरकार ने शुक्रवार से ही 2,000 रुपये कर दिया है,  इस कदम के लिए सरकार का कहना है कि इससे ज़्यादा लोगों को नकदी मिल सकेगी| इस फैसले पर सवाल करते हुए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने कहा कि पिछली बार आपने कहा था कि आप जनता को राहत देने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन आपने तो रकम को घटाकर 2,000 रुपये कर दिया… समस्या क्या है…? क्या यह प्रिंटिंग (नोटों की छपाई) से जुड़ी दिक्कत है…?

सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने कहा, “सिर्फ प्रिंटिंग नहीं… नोटों को देशभर में फैली (बैंकों की) लाखों शाखाओं तक पहुंचाना भी है, और एटीएम को भी री-कैलिब्रेट किया जाना है… वैसे, हमने किसानों, शादियों तथा छोटे व्यापारियों को राहत दी है…”

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