Monday , December 11 2017

नोटबंदी ने ली एक और गरीब की जान, बैंक के बाहर ही दम तोड़ा

संभल। नोटबंदी से फैली अव्यवस्था से लोगों की मौत का आकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। इस बार इसका शिकार एक गरीब मजदूर हुआ। नोटबंदी की वजह से समय पर इलाज नहीं मुहैया हो पाया और उसकी मौत हो गई। पीटीआई की खबर के मुताबिक गरीब मजदूर ने बीमारी की हालत में बैंक से रुपए निकालने की कोशिश की लेकिन भीड़ और अव्यवस्था के कारण वह रुपए नही निकाल सका। रुपए के अभाव में वो खुद के इलाज के लिये भटकता रहा था लेकिन घंटो बैंक के बाहर लाइन लगे होने के बावजूद गरीब को पैसा नहीं मिला।

संभल के बहजोई थाना क्षेत्र के गाँव भवन निवासी अलाउद्दीन पंजाब मैं मजदूरी करने गया था। वहां कुछ समय बाद ही वह बीमार हो गया, जिसका सूचना उसने अपनें परिजनों को दी। परिजन उसको गांव ले आए।

नोट बंदी के कारण प्राइवेट अस्पतालों में पाँच सौ और एक हजार के नोट नही लिए जा रहे। ऐसे में परिजन उसे गांव में स्थित प्रथमा बैंक से रुपए निकलवाने ले गए, ताकि उसका इलाज कराया जा सके। लेकिन लंबे वक्त तक इंतजार करने के बाद परिजन बैंको से पैसा निकालने में असफल रहे। इसी दौरान बैंक के बाहर ही उस गरीब ने दम तोड़ दिया।

नोटबंदी की वजह से बीते कुछ दिनों में 40 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इनमें आत्महत्याएं, बैंकों-एटीएम पर लगी कतारों में दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतें,अस्पतालों में हुई मौतें और गुस्से में हुई हत्या शामिल है।

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