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नोटबंदी- पत्नी के इलाज का पैसा ना जुटाने में बेबस युवक ने आत्महत्या की

दिल्ली। नोटबंदी की वजह से देश भर में मौतों का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। इस बार दिल्ली के एक युवक की आत्महत्या का मामला सामने आया।
दिल्ली के नेब सराय में एक युवक ने अपनी पत्नी के इलाज के लिये रुपए न निकाल पाने पर निराश होकर कथित तौर पर आत्महत्या कर लिया। युवक इस बात से निराश था कि बैंक में 12 लाख रुपए के पुराने नोट जमा करने के लिए उसके पड़ोसी ने कथित तौर पर 4 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी।

गुरुवार दोपहर को युवक वीरेंद्र कुमार बसोया अपने घर में सिलिंग फोन में लटकटा हुआ मिला। वीरेंद्र ईस्ट ऑफ कैलाश में टीवी सेट्स बेचता था। परिवार वालों का कहना है कि नोटबंदी के बाद उसने कई लोगों को क्रेडित पर समान दिया लेकिन इलाज के लिये पैसों का जुगाड़ कर नहीं पाया। इसके बाद 12 लाख के रुपए से उसे दर दर भटकना पड़ा।

पिछले सप्ताह, वीरेंद्र ने कई बैंको में पैसे जमाने की कोशिश की ताकि वो अपनी प्रेगनेंट वाइफ का इलाज करवा सके। लेकिन कभी ना खत्म होने वाली कतारे और घर में बिमार पत्नी का ख्याल रखने की मजबूरी उसको अंदर से टोड़ दिया।

युवक की पत्नी के मुताबिक, अगर वह 2.5 लाख से ज्यादा रकम अगर बैंको में जमा करवाता है तो उसे 200% का जुर्माना भारी पड़ सकता है। वीरेंद्र ने अपने पड़ोसी से इसके लिये मदद मांगी लेकिन उसने भी इस काम के लिये 4 लाख रुपए मांग लिये।

युवक के मकान मालिक रिजवान ने बताया कि वीरेंद्र बुधवार की रात को डिनर नहीं कर पाया था और उस दिन खुद को कमरे में बंद कर दिया था। गुरुवार को दोपहर को उसकी पत्नी ने उसको देखा कि उसने खुद को फांसी लगा दी।

रिजवान के मुताबिक युवक की पत्नी को प्रेगनेंसी में कांम्पलीकेशन थी। नोटबंदी की वजह से उसके पास के रखे हुए कैश भी काम के नहीं थे। वह पैसा जमा कराने बैंक भी नहीं भाग सकता था क्योंकि उसकी पत्नी की हालत इतने खराब थे कि उसे अकेले छोड़ना भी सही नहीं था। खुद को इतना बेबस पाकर वो काफी डिप्रेशन में चला गया था।

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