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नोटबंदी पर मोदी और RBI गवर्नर के ख़िलाफ़ अपराधिक मामला दर्ज करवाने के लिए किया गया आवेदन

पुणे (महराष्ट्र) : पिछले हफ्ते केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आर्थिक आतंकवाद के आरोप की कई जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की गयीं हैं | ऐसे ही एक मामले में तौसीफ़ शेख़ ने पुणे के कोंढवा पुलिस स्टेशन में प्रधानमंत्री, भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कोंढवा ब्रांच के प्रबंधक के ख़िलाफ़ केस दर्ज करने के लिए आवेदन किया है |

शेख और उनके साथी एडवोकेट साजिद शाह ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाया है| उन्होंने कहा कि मैं नोटबंदी के फैसले से पीड़ित लोगों के साथ हूँ | हमारी इस परेशानी का फ़ौरन और आसन समाधान निकाला जाए |

शेख  ने मंगलवार को शाखा से 30,000 रुपये वापस लेने के लिए आवेदन किया था | लेकिन बताया गया कि बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्देश गया है कि नकद में इतनी बड़ी रकम नहीं निकाली जा सकती है | शेख  ने कहा कि मेरे दोस्त की कुछ ही दिनों में शादी होने वाली है और मैंने उसे पैसे से मदद करने का वादा किया था | उन्होंने कहा कि मैं बैंक से पुराने नोटों का आदान-प्रदान या किसी भी काले धन को सफेद करने के लिए नहीं जा रहा हूँ। मैंने ज़रूरत के वक़्त के लिए अपने अलग खाते में  पैसा रखा था | लेकिन अब मेरी ज़रुरत के वक़्त मेरा ही पैसा मुझे नहीं मिल रहा है | जबकि किसी भी बैंक में खाता खोलते वक़्त इस बात का वादा किया जाता है |

हालाँकि कोंढवा पुलिस स्टेशन ने अभी तक एफ़आईआर दर्ज नहीं की है | कोंढवा पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर सतीश गोवकर ने कहा कि सरकार ने निर्देश दिया है कि इतनी बड़ी नक़द रक़म नहीं दी जाए |हम इस बारे में कुछ नहीं कर सकते हैं | लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि हम बैंक को आवेदन भेजकर जल्द से जल्द इस मामले पर गौर करेंगे |

शेख और शाह ने बताया कि अगर पुलिस इस मामले में कार्रवाई करती है तो वे कुछ दिन इंतज़ार करेंगे | लेकिन अगर ऐसा नहीं किया गया तो दोनों अपनी ऐप्लीकेशन पुणे के पुलिस कमिश्नर के पास ले जायेंगे | अगर वहां भी सुनवाई नहीं होती है तो अंतिम उपाय के तौर पर वह अदालत में जायेंगे |

 

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