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नोटबंदी से लोग परेशान हैं ऐसे में कुछ को लाखों के नए नोट कैसे मिल: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर फैसले को सुरक्षित रखते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से कुछ लोग काफी परेशान हैं जबकि कुछ लोग बिल्कुल बिल्कुल भी परेशान नहीं हैं । छापों में काफी संख्या में नए नोट मिलने का संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी से पूछा कि कुछ लोगों को लाखों की संख्या में रुपए कैसे मिल रहे हैं और इसमें नए नोट भी शामिल हैं|

रोहतगी से  सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने पूछा कि कुछ लोगों को लाखों में नए नोट कैसे  मिल गये जब कुछ लोगों को एक हफ्ते में 24000 रुपए नहीं मिल रहे हैं?  जस्टिस ठाकुर के सवाल का जवाब देते हुए रोहतगी ने कहा कि कथित रूप से अवैध गतिविधियों में शामिल कुछ बैंक मैनेजर्स और दोषियों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है| साथ ही सुप्रीम कोर्ट से रोहतगी ने कहा कि लोगों की परेशानियों को कम करने लिए काम किया जा रहा है|

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से  इससे पहले 9 दिसंबर को पूछा था कि आप लोगों ने नोटबंदी पर पॉलिसी कब बनाई और क्या इसे गोपनीय रखा था? केंद्र सरकार से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने यह भी मालूम किया कि प्रतिदन 24,000 रुपए निकालने की इजाजत  जब केंद्र सरकार ने दी है तो फिर उसका पालन क्यों नहीं हो रहा है|  सुप्रीम कोर्ट को  केंद्र सरकार की तरफ से  कहा गया कि 10-15 दिनों में समस्या खत्म हो जाएगी  सरकार पूरी तरह से कोशिश कर रही है |

सुप्रीम कोर्ट में नोटबंदी के कदम पर एक हलफनामा भी पिछले सप्ताह केंद्र सरकार ने जमा करवाया था|  इसमें कहा गया था कि कालाधन को खत्म करने के लिए  यह कदम उठाया गया है|  केंद्र ने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि नोटबंदी का फैसला कैश ट्रांजेक्शन को कम करने के लिए उठाया गया है, इससे अवैध इकॉनोमी से पर्दा उठेगा|

गौरतलब है कि नोटबंदी से जुड़ी कुछ याचिकाओं पर  सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच सुनवाई कर रही थी| अटॉर्नी जनरल रोहतगी ने पहले सुप्रीम कोर्ट के सामने ट्रांसफर याचिका दाखिल की थी। जिसमें उन्होंने मांग की थी कि नोटबंदी के खिलाफ लंबित याचिकाओं पर रोक लगायी जाए|  सुप्रीम कोर्ट ने 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए अलग-अलग हाईकोर्ट और निचली अदालतों में नोटबंदी के खिलाफ दाखिल की गई याचिकाओं की सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था|

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